महिला अस्पताल में हुई जागरूकता गोष्ठी में एसीएमओ ने दी जानकारी
लखीमपुर खीरी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को महिला अस्पताल में जागरूकता गोष्ठी हुई। इसमें गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को तंबाकू उत्पाद से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया।
तंबाकू निषेध कार्यक्रम के नोडल एवं एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि तंबाकू उत्पाद से लेकर इसका धुआं तक हानिकारक है। इससे कैंसर जैसी कई घातक बीमारियों के होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि पिछले साल करीब 60 महिला एवं पुरुष कैंसर से पीड़ित मिले थे। इनमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक है। मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला इनका सेवन करती है या फिर उसके आसपास बीड़ी, सिगरेट, चिलम एवं अन्य तंबाकू उत्पादों का कोई सेवन करता है तो इसके धुएं से गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचाता है। इससे गर्भपात भी हो सकता है।
प्रभारी सीएमएस डॉ. पुष्पलता ने बताया कि तंबाकू उत्पाद का सेवन ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ा है। महिलाएं गुटखा, बीड़ी, चिलम की आदी बन रही हैं। एनसीडी एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि कैंसर एक लाइलाज बीमारी है। इसका बचाव ही इलाज है। कैंसर का इलाज भी महंगा है। इससे तंबाकू उत्पाद का सेवन करने से बचें और सुरक्षित रहें। विजय वर्मा, देवनंदन श्रीवास्तव, सोशल वर्कर अतुल पांडे, स्टाफ नर्स विवेक मित्तल, डॉ. सुषमा सिंह, डॉ. अर्चना, फार्मासिस्ट इंद्र कुमार अवस्थी, सुष्मिता वर्मा, अशोक पांडे, लोकेश सिंह, शिप्रा वर्मा, सीपी पांडे आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने की। इस दौरान सीएमएस डॉ. पुष्पलता सहित मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला, एनसीडी एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश गुप्ता ने जनसमूह को तंबाकू से होने वाली बीमारियों और नुकसान के बारे में जानकारी दी।