चुनाव के मद्देनजर पहुंच गई थी कई थानों की पुलिस
लखीमपुर खीरी (संपूर्णानगर)। मंगलवार को खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ का चुनाव होना था, लेकिन चुनाव अधिकारी द्वारा बाढ़ग्रस्त इलाका दिखाते हुए चुनाव स्थगित करने का नोटिस चस्पा करा दिया गया। इसके बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया। चुनाव को देखते हुए सुबह से ही कई थानों की पुलिस संघ कार्यालय पर पहुंच गई और छतों से लेकर पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। सत्तापक्ष के दो गुट बीते मार्च में चुनाव के नामांकन के दिन भिड़े थे, जिसमें फायरिंग होने के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया था।
खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ का चुनाव 21 सितंबर हो होना था। बीती घटना को ध्यान में रखते हुए सुबह से ही कई थानों की पुलिस संघ के कार्यालय पर जमा थी। इतना ही नहीं चुनाव स्थल से एक किलोमीटर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती थी। संघ कार्यालय की छतों पर भी पुलिसकर्मी पूरी तरह से मुस्तैद थे। सड़क पर दोनों तरफ बैरीकेडिंग कर दी गई थी। सुबह करीब नौ बजे के बाद बाढ़ग्रस्त एरिया होने के चलते चुनाव स्थगित होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इस दौरान लोगों का कहना था कि सत्तापक्ष के दो गुट मार्च में हुए चुनाव के दौरान आमने-सामने आ गए थे, जिसके चलते चुनाव स्थगित हुआ था। अब सत्तापक्ष के दबाव में ही दोबारा से चुनाव स्थगित किया गया है।
डायरेक्टर में से ही चुना जाएगा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
संघ के चुनाव में 12 डायरेक्टर के पद हैं। इसमें 11 डायरेक्टर चुने गए थे, जबकि एक सीट रिक्त थी। इन 11 डायरेक्टर में से ही संघ का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुना जाना था और बाकी के डायरेक्टर उनके लिए वोटिंग करते। पिछले बार सत्तापक्ष के दो गुट इसी को लेकर आमने-सामने आ गए थे।
चार निर्वाचन क्षेत्रों को एकत्र कर होना है संघ का चुनाव
चार निर्वाचन क्षेत्रों को एकत्र कर संघ का चुनाव होना है। इसमें कबीरगंज, परसपुर, सिंगाही खुर्द व भानपुरी खजुरिया से तीन-तीन डायरेक्टर चुने जाते हैं। हालांकि भानपुरी से एक महिला सीट पर डायरेक्टर का पद रिक्त है।
चुनाव अधिकारी बोले
मंगलवार को खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ का चुनाव की तारीख तय थी, लेकिन खीरी-पीलीभीत इलाका बाढ़ग्रस्त इलाके में आता है। इसी को मद्देनजर रखते हुए चुनाव को स्थगित करने का आदेश जारी किया गया है। अग्रिम आदेश के बाद ही अगली तारीख नियत की जाएगी। - आशीष कुमार सिंह, चुनाव अधिकारी/ तहसीलदार पलिया
उम्मीदवार बोले
सत्तापक्ष की आड़ में प्रशासन को आगे कर सूखेग्रस्त इलाकों को बाढ़ग्रस्त बताकर चुनाव स्थगित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की हत्या जैसा ही है। सत्तापक्ष के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई सामने आई है। अध्यक्ष पद पर दोनों सत्तापक्ष समर्थित हैं और आपस में सामंजस्य बनाने में असफलता के कारण चुनाव स्थगित कर रहे हैं। वो हार के डर से चुनाव को स्थगित करा रहे हैं क्योंकि उनके पास डायरेक्टर की संख्या कम है।- परमेंद्र सिंह पप्पू, संचालक व उम्मीदवार, खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी संघ