लखीमपुर खीरी। जनपद में तेजी से फल फूल रहे ईंट उद्योग की स्थापना में नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे जगह-जगह कुकरमुत्ते की तरह 200 से अधिक ईंट भट्ठे खोले जा चुके हैं। अब यह ईंट भट्ठे प्रदूषण का कारण भी बनने लगे हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भी सख्ती बढ़ने लगी है। जुलाई में नियम विरुद्ध संचालित किए जा रहे 29 ईंट भट्ठों को बंद करने का आदेश देने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब दो और ईंट भट्ठा मालिकों को शोकाज नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ ने शहर से सटे गांव पिपरिया राजापुर स्थित हनुमान जी ईंट उद्योग को नोटिस जारी कर कहा है कि ईंट भट्ठा स्थल मापदंडों के अनुसार स्थापित न किए जाने की शिकायत मिली है। ईंट भट्ठे को 11 अगस्त 2019 को सशर्त सहमति वायु प्रदान की गई थी, जिसके अनुपालन की आख्या कार्यालय को नहीं भेजी गई है। जो प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 में वर्णित प्रावधानों का उल्लंघन है।
क्षेत्रीय अधिकारी डॉ रामकरन ने 15 दिनों के अंदर जवाब मांगते हुए सशर्त सहमति वायु को खंडित करते हुए विधिक कार्रवाई प्रारंभ करने की चेतावनी दी है। इसी तरह धौरहरा तहसील क्षेत्र के मितौला (हसनपुर कटौली) स्थित श्री हनुमान जी ब्रिक फील्ड को भी नोटिस जारी की गई है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदान की गई सशर्त सहमति वायु की शर्तों के अनुपालन की आख्या न भेजे जाने का आरोप है।
क्षेत्रीय अधिकारी ने इस ईंट भट्ठा मालिक से भी 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है, जिसके बाद विधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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दोनों ईंट भट्ठों के खिलाफ शिकायत मिली थीं, जिसमें आरोप है कि इन्हें नियम विरुद्ध संचालित किया जा रहा है। इसलिए दोनों भट्ठा स्वामियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ रामकरन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ