जिला अस्पताल में सुलभ शौचालय का अभाव, परेशानी
इमरजेंसी, ओपीडी, पोस्टमार्टम सहित अन्य जरूरतों से हर दिन आते हैं करीब पांच सौ लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में सुलभ शौचालय नहीं है। ऐसी दशा में मरीजों को लेकर आए लोगों को काफी परेशानी होती है। फिर चाहे वह इमरजेंसी कक्ष एवं ओपीडी वाले मरीज हों अथवा पोस्टमार्टम के सिलसिले में आए लोग हों। कलेक्ट्रेट परिसर में शौचालय है, लेकिन दफ्तर के अंदर का फाटक खुला होने पर ही लोग जा पाते हैं। जिला अस्पताल के इर्द-गिर्द अन्य कोई दूसरा सुलभ शौचालय न होने की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ता है। हालांकि इनडोर मरीजों के लिए राहत यह है कि उन वार्डों के साथ अटैच शौचालय उपलब्ध है।
जनपद मुख्यालय शहर से पांच किलोमीटर दूरी पर है, जहां जिला अस्पताल स्थित है। ज्यादातर लोग शाम पांच बजे के बाद अपने घरों को चले जाते हैं, इसके बाद यहां सन्नाटा हो जाता है। जिला अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा से लेकर ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से लोग आते हैं। परिसर में ही पोस्टमार्टम हाउस है, जहां दुर्घटना, हत्या, मारपीट या अन्य कारणों से स्वजनों की मौत पर पोस्टमार्टम के लिए भी लोग आते हैं। इसके साथ-साथ जिला अस्पताल में पीआईसीयू, एसएनसीयू, एआरटी सेंटर आदि भी है। जहां भर्ती मरीजों से मिलने के लिए लोग आते हैं। इस तरह औसतन लगभग 500 लोगों का हर दिन जिला अस्पताल में आना-जाना होता है, लेकिन अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय न होने के कारण लोगों को असुविधा होती है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में मिले पडरौना निवासी अधिवक्ता प्रेम प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिला अस्पताल में भी सुलभ शौचालय होना चाहिए। ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
अधिवक्ता राजीव शुक्ला का कहना था कि जिला अस्पताल में जिस तरह भीड़ होती है, उस हिसाब से सुलभ शौचालय होना चाहिए। क्योंकि अस्पताल के बाहर भी सुलभ शौचालय नहीं है।
बिहार के तमकुहवा से दवा कराने आए विशुनी ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में बाहर से आए लोगों के लिए कहीं मूत्रालय, शौचालय या स्नान घर नहीं है। यहां सुलभ शौचालय होना चाहिए।
कसया क्षेत्र के बहोरापुर से आए सुमेर प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में हर जगह भीड़ लगी रहती है। यदि यहां सुलभ शौचालय बन जाए तो यहां आने वाले लोगों को ऐसे जरूरी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय नहीं है। मेडिकल कॉलेज बन रहा है। हो सकता है कि उनके नक्शे में सुलभ शौचालय शामिल हो। इस बारे में कार्यदायी संस्था से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती इनडोर मरीजों के लिए अंदर प्रत्येक वार्ड में शौचालय की व्यवस्था है। चिकित्सकीय स्टाफ के लिए भी अलग शौचालय उपलब्ध है।