सीएचसी में एक महीने से नहीं है पैरासिटामोल दवा
कसया सीएचसी में सामान्य दवाओं की कमी, मरीज परेशान
डिजिटल एक्स-रे मशीन व अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। आम आदमी को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करने वाली कसया सीएचसी खुद संसाधनों की कमी से जूझ रही है। यहां वर्षों से डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन भी नहीं हैं। वर्तमान में अस्पताल में सिर्फ सामान्य एक्स-रे की सुविधा है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने का कार्य वर्षों से प्रस्तावित है। इस अस्पताल के स्टोर में भी दवाइयों की भी कमी है। इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों की तादाद बढ़ी है, लेकिन अस्पताल में बीते एक माह से बुखार की दवा पैरासिटामोल नहीं है। चिकित्सक के लिखने पर मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। अस्पताल में महिलाओं के प्रसव कराने की सुविधा है, लेकिन क्रिटिकल केस के लिए कोई प्रबंध नहीं है। इसकी वजह अस्पताल में आईसीयू की सुविधा न होना है। इसका सीधा असर मरीजों और तीमारदारों पर पड़ता है। यहां तीमारदारों को महंगे दाम पर दवाएं और जांच कराने के लिए निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों और एक्स-रे जांच केंद्रों पर जाना पड़ता है। 12 बजे के करीब एंटी रैबीज इंजेक्शन लेकर एक मरीज फार्मासिस्ट से बहस कर रहा था कि सूई लगाने के लिए बाहर से सिरिंज खरीदने के लिए मरीजों को विवश किया जा रहा है। अस्पताल के दूसरी मंजिल पर कोविड टीकाकरण चल रहा था। इस बाबत अधीक्षक डॉ. नीलकमल ने बताया कि अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। जल्द दवाओं की सूची चस्पा करा दी जाएगी। एक महीने से पैरासिटामोल दवा भी नहीं है। इंडेट दवाओं का भेजा जाता है, तभी दवाएं आती हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में हाथ के दास्तानों की उपलब्धता नहीं है, इससे काफी परेशानी हो रही है।