एक बच्चे का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज, सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम
गांव में गंदगी का अंबार, नहीं होता है यहां एंटी लार्वा का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही। क्षेत्र के बांसगांव के खैरवा टोला में तीन बच्चे इंसेफेलाइटिस से पीड़ित हैं। इनमें से एक का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। 25 अन्य बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। शनिवार को सूचना मिलने पर दुदही सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य टीम लेकर गांव में पहुंचे और बीमार बच्चों का इलाज किया।
दुदही क्षेत्र के बांसगांव खैरवा टोला में बुखार का प्रभाव बना हुआ है। बुखार पीड़ित तीन बच्चों में इंसेफेलाइटिस होना बताया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इस गांव के शारदा यादव पुत्र सत्तन को पहले से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को सुबह हालत बिगड़ गई तो परिजन दुदही सीएचसी ले गए। वहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने इंसेफेलाइटिस होना बताया। शारदा का वहां इलाज चल रहा है। गांव के लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले गांव के पंकज (12) और सपना पुत्री बहादुर (14) को इंसेफेलाइटिस हुआ था। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहने के इन्हें घर भेज दिया गया है। हालांकि अभी भी वहां से उपचार चल रहा है। इनके अलावा गांव की गुड़िया (45), ज्योतिया (65), सर्वेंद्र (18), मोतीलाल (70), बटकी (60), बृजेश (20), गुड्डन (17), लीलावती (65), प्रभु (30), आनंद (25), सुगंती (60), दीपक (20), खुशी (8), अमन (8), अवनीश (2), नेहा (20), सलमान (5), हसीना (6), प्रवीण (20), राजनंदनी (2), रामप्रवेश (30) समेत 25 लोग बुखार से पीड़ित हैं। शनिवार को दुदही सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय स्वास्थ्य टीम लेकर पहुंचे और बीमार लोगों का उपचार किया।
गांव में है गंदगी का अंबार
दुदही। गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां चोक हैं। इनमें कूड़ा भरा है। गांव के व्यास प्रजापति, जितेंद्र शर्मा, प्रभु भारती, मोतीलाल, सागर प्रेमी आदि ने बताया कि गांव में सफाई नहीं हो रही है। इससे गंदगी का अंबार है। नालियों का निर्माण नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके चलते हैंडपंप के पास पानी जमा है और बदबू दे रहा है। लोगों का कहना है कि गांव में गंदगी के चलते वे लोग संक्रमण और अधिक फैलने के डर से भयभीत हैं। यहां एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया गया है।