भीगी पलकों के साथ विदा हुईं बेटियां
तुर्कपट्टी(कुशीनगर)। तुर्कपट्टी स्थित नव निकेतन ज्ञान स्थली का परिसर बृहस्पतिवार रात 19 कन्याओं के सामूहिक विवाह का साक्षी बना। लाल जोड़े में सजी कन्याओं ने सिंदूरदान के साथ जीवन साथी के साथ गृहस्थ आश्रम में प्रवेश किया। शुक्रवार सुबह आयोजकों ने गृहस्थी के उपहार के साथ कन्याओं को उनकी ससुराल विदा किया।
आचार्य बबलू मिश्र एवं उनके सहयोगी आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 17 कन्याओं तथा मौलाना सदरे आलम एवं उनके साथी मौलानाओं ने दो मुस्लिम कन्याओं को कलमा पढ़ाकर जनसमूह की उपस्थिति में नवयुगल के पवित्र रिश्ते को सामाजिक स्वीकृति प्रदान की।
मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी महेंद्र यादव ने कहा कि इस प्रकार का पुनीत कार्य मानवीय कर्ज को चुकाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए केडी शाही जन जागृति संस्थान के उपाध्यक्ष दीपनारायन अग्रवाल ने कहा कि आप सब की उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा का कार्य करती है।
आयोजक सुधीर शाही ने कहा कि हमें सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। वर-वधू को आशीर्वाद देने वालों में शशि मिश्र, शिवकुमार रूंगटा, सुनील रुंगटा, मनोज बंका, अवध तुलस्यान, अनिल तुलस्यान, अजय गुप्ता, राजीव लोचन खेतान, डॉ. संदीप वरुण, वीरेंद्र गोयल, सुशील अग्रवाल, प्रमोद वालोदिया, रमेश रूंगटा, आशुतोष खेतान, डॉ. दिलीप तुलस्यान, सतीश जिंदल, सौरभ वर्मा, प्रदीप चहाड़िया, पप्पू पांडेय, आसमा परवीन आदि शामिल रहीं। सामूहिक विवाह में मैतुल मस्ताना ने अपनी संगीत मंडली के साथ विवाह के पारंपरिक गीतों जैसे हल्दी गीत, कन्या निरीक्षण के समय गाए जाने वाले गीत गाया।