ट्यूबवेल का 1.32 लाख रुपये बकाया विद्युत बिल माफ करने का आदेश
- पीडी के बावजूद 15 साल से आ रहा था बिल, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कनेक्शन कटने (पीडी) के बावजूद बिजली विभाग ने मनमाने तरीके से 1.32 लाख रुपये का बिल भेज दिया। पीड़ित ने इसे लेकर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए बिजली विभाग को बिल माफ करने का आदेश दिया है।
चायल तहसील के समसपुर निवासी उमेश पांडेय ने वर्ष 2005 में अपनी पत्नी मंजू पांडेय के नाम नलकूप के लिए बिजली का कनेक्शन लिया था। भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसकने के कारण 2008 में नलकूप से पानी निकलना बंद हो गया। जांच में पता चला कि नलकूप का बोर खराब हो चुका है। इस पर उमेश ने नलकूप विभाग से बोर खराबी का प्रमाण पत्र संलग्न करते हुए बिजली विभाग से 18 नवंबर 2008 को कनेक्शन कटवा लिया। इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से लगातार बकाया बिल भेजा जा रहा था। 23 फरवरी को 1.32 लाख रुपये का बकाया बिल आने पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल किया। आयोग के अध्यक्ष लालचंद्र व सदस्य संचिता श्रीवास्तव ने अपने संयुक्त फैसले में पांच फरवरी 2008 से लेकर अब तक भेजे गए मनमाने बिल निरस्त करते हुए बकाएदारों की सूची से मंजू पांडेय का नाम काटने का आदेश दिया।