नवीन मंडी ओसा में लोकसभा चुनाव की मतगणना चार जून को होगी। मतगणना के लिए प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबल लगाई जाएंगी। हर विधानसभा में एक-एक एआरओ टेबल लगाई जाएगी। डाक मतपत्रों की गणना एआरओ टेबल पर होगी। सबसे पहले चायल व अंत में मंझनपुर विधानसभा की मतगणना पूरी होगी।
कौशाम्बी संसदीय सीट में आने वाली जिले की मंझनपुर, सिराथू व चायल विधानसभा की मतगणना नवीन मंडी ओसा में होगी। जबकि प्रतापगढ़ जिले की कुंडा और बाबगंज विधानसभा के वोटों की गिनती वहीं होगी। मतगणना के लिए ओसा मंडी में विधानसभावार 14-14 टेबल लगाई जाएंगी।
मंझनपुर में सर्वाधिक 454 बूथ होने के कारण यहां 33 राउंड मतगणना होगी। जबकि चायल के 405 बूथ व सिराथू के 418 बूथों की गिनती 30-30 राउंड में पूरी हो जाएगी। इस तरह से सबसे पहले चायल और अंत में मंझनपुर विधानसभा के मतों की गिनती पूरी होगी।
सीडीओ एवं प्रभारी अधिकारी कार्मिडडॉ. रवि किशोर त्रिवेदी ने बताया कि प्रत्येक टेबल पर चार कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें एक सुपरवाइजर, एक मतगणना सहायक, एक माइक्रो ऑब्जर्वर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा में तीन-तीन पार्टियां रिजर्व में रहेंगी।
इस तरह से 204 मतगणना कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार राय ने बताया कि इन कार्मिकों की पहली ट्रेनिंग 28 मई व दूसरी ट्रेनिंग तीन जून को कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में सुबह 11 बजे से दी जाएगी।
आपराधिक छवि के व्यक्ति नहीं बन सकेंगे गणना अभिकर्ता
मंझनपुर। आपराधिक छवि के व्यक्ति को मतगणना अभिकर्ता नहीं बनाया जाएगा। एक मेज पर एक ही अभिकर्ता के लिए पास जारी होगा। प्रत्याशियों को अभिकर्ता बनाए जाने वाले लोगों की सूची के साथ इनकी स्वच्छ छवि होने का शपथ पत्र भी देना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार राय ने अभिकर्ता बनाए जाने के लिए तीनों विधानसभा के सहायक निर्वाचन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। बताया कि सहायक निर्वाचन अधिकारी आयोग के आदेश और निर्वाचन अधिकारी हैंडबुक में दी गई व्यवस्था का पालन करते हुए अभिकर्ता बनाएंगे। संवाद
काउंटिंग एजेंट बनने के लिए पुलिस से कराना होगा सत्यापन
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव की मतगणना में शामिल होने वाले प्रत्याशियों के एजेंट का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके बिना उन्हें मतगणना कक्ष में प्रवेश के लिए पास जारी नहीं होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्याशियों की ओर से मतगणना स्थल पर लगाए जाने वाले पंडाल में समर्थकों की अधिकतम संख्या 14 रहेगी। पोलिंग एजेंट को सुबह छह बजे मतगणना स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है। किसी भी तरह का हो-हल्ला करने अथवा मोबाइल फोन के साथ प्रवेश करने पर एजेंट के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संवाद