कहा कि वित्तविहीन विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर वेतन समानता एवं सभी सेवा शर्तें लागू की जाए। कहा कि कोरोना महामारी के नाम पर महंगाई भत्ते में जो कटौती की जा रही है उसे किस्तों में वापस किया जाए तथा महंगाई भत्ते को पूर्व की भांति बहाल किया जाए।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार को शिक्षकों ने डायट मैदान में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी डीआईओएस को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि नई पेंशन स्कीम के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। इसके अलावा सभी शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान की जाए।
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कहा कि वित्तविहीन विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर वेतन समानता एवं सभी सेवा शर्तें लागू की जाए। कहा कि कोरोना महामारी के नाम पर महंगाई भत्ते में जो कटौती की जा रही है उसे किस्तों में वापस किया जाए तथा महंगाई भत्ते को पूर्व की भांति बहाल किया जाए। शिक्षकों के स्थानांतरण की नीति को सरल बनाया जाए।
विद्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर तथा व्यावसायिक शिक्षक पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में शिक्षण कार्य करें। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से आगामी विधान सभा चुनाव से पहले मांगों के निस्तारण की मांग की।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रभाकर द्विवेदी, चंद्रकांत शुक्ल, रामसुभग त्रिपाठी, राजेंद्र कुमार यादव, सभाशंकर पांडेय, राममूरत सिंह पाल, कुलदीप कुमार, ओम प्रकाश, शिवदत्त मिश्र, नरेंद्र कुमार, रामदास, धर्मराज सिंह, मोती लाल, शिवनरेश सिंह सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।