पिता के साथ मिलकर नाबालिग लड़की को भगा ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने 20 साल की सजा व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में 50 हजार रुपये आरोपी पीड़िता को देगा। साथ ही अदालत ने आरोपी के पिता को सुबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि 19 अप्रैल 2010 को पूरामुफ्ती 15 साल की एक लड़की अगवा कर ली गई थी। मामले में लड़की की मां ने संजय व उसके पिता के खिलाफ बेटी को अगवा करने का अभियोग पंजीकृत कराया। यह मामला एडीजे (9) योगेश कुमार की अदालत में विचाराधीन था।
अभियोजन की तरफ से आरोपों की पुष्टि के लिए कोर्ट में नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद संजय को आरोपी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। इनमें से 50 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को दिए जाएंगे। आरोपी बनाए गए संजय के पिता को सुबूतों के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोषी युवक को गिरफ्तार कर लिया।