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एक से पांचवीं तक के स्कूल खुले, चहके बच्चे

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Schools from 1st to 5th opened, favorite children - फोटो : KAUSHAMBI
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कोरोना संक्रमण के कारण डेढ़ साल से बंद कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल बुधवार से खुल गए। स्कूल की घंटी बजी तो बच्चे चहक उठे। स्कूलों में बच्चे कतारबद्ध हुए और प्रार्थना के स्वर भी गूंजे। कक्षाओं में कोविड गाइडलाइन के तहत बच्चों के सीटों के बीच की दूरी को बढ़ा दिया गया। हालांकि, छठवीं कक्षा से ऊपर की सभी कक्षाएं पूर्व से ही संचालित हो रही हैं।
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परिषदीय विद्यालय बुधवार को खुले तो जरूर, लेकिन अधिकतर स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी। आलम यह रहा कि विद्यालयों में बच्चों को पहले तो शिक्षण कक्ष में बैठाने में ही घंटों समय बीत गया।
यही नहीं उसके बाद बच्चों को पुस्तक बांटने के लिए किताबों को अलग-अलग करने का काम शुरू हुआ। इसके बाद बच्चों को पुस्तक वितरण का कार्य शुरू होता इससे पहले मध्यान्ह भोजन का समय हो गया। इसके बाद लंच के लिए बच्चों को बैठा दिया गया। दोपहर बाद बच्चों को पुस्तक वितरण किया गया।
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थर्मल स्क्रीनिंग के बिना बच्चों को मिला प्रवेश
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए कोविड-19 गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई है। लेकिन उसके बाद भी परिषदीय विद्यालयों में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के प्रवेश दिया गया। कुछ एक विद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो किसी भी विद्यालय में थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की गई थी। जिससे साफ जाहिर है कि विद्यालय के जिम्मेदार कोरोना संक्रमण को लेकर गंभीर नहीं है।
विद्यालयों की नहीं कराई गई थी साफ-सफाई
सदर बीआरसी क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों का अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया। इस दौरान विद्यालय में साफ-सफाई नहीं नजर आई। कई विद्यालयों के गेट पर तो मवेशी भी बंधे थे। इतना ही नहीं कुछ विद्यालय तो तबेले की तरह नजर आए। इस बाबत जब वहां के प्रधानाध्यापकों से सवाल किया गया तो बताया कि सुबह सफाई कराई गई थी। परिसर की विधिवत साफ-सफाई एक दो दिन में करा ली जाएगी।
20 फीसदी बच्चे ही पहुंचे स्कूल
पहले दिन गिनती के स्कूलों को छोड़कर बाकी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। सरकारी स्कूलों में जहां उपस्थिति 15 से 20 फीसदी के बीच रही। वहीं प्राइवेट स्कूलों मे भी औसतन 25 से 30 फीसदी तक छात्रों की उपस्थिति रही।
लाइव रिपोर्ट: 11 बजे : बच्चों की चल रही थी पढ़ाई
बुधवार को 11 बजे सदर बीआरसी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गौरा डेरा में प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र सिंह कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चों को पढ़ाते मिले। जबकि कक्षा एक और दो के बच्चों को सहायक अध्यापिका रीता देवी पढ़ा रहीं थीं। जबकि शिक्षक तनय तिवारी अवकाश पर रहे। यहां बच्चे तहरी का भोजन कर चुके थे और रसोइया बर्तन धुल रही थी।
यहां पर कक्षा एक में पंजीकृत 12 बच्चों के सापेक्ष सात, कक्षा दो में पंजीकृत 14 के सापेक्ष सात, कक्षा तीन में 15 के सापेक्ष 11, कक्षा चार में 13 के सापेक्ष छह और कक्षा पांच में 18 के सापेक्ष पांच बच्चे ही उपस्थित रहे।
उपस्थित बच्चों को पुस्तक वितरित की जा चुकी थी। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों को खुशनुमा माहौल देने की कोशिश की जा रही है। ताकि वह विद्यालय आने के लिए उत्साहित रहें। यही नहीं विद्यालय आए बच्चों से उनकी पढ़ाई का भी आकलन किया गया। वहीं कक्षा दो के छात्र हर्षित साहू का जन्मदिन था। जिस पर प्रधानाध्यापक ने बच्चों के बीच टॉफी और चॉकलेट वितरित कराया। इससे हर्षित काफी खुश नजर आया और बच्चे भी खुशी से झूम उठे।
12 बजे : मध्याह्न भोजन कर रहे थे बच्चे
सदर बीआरसी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गौरा में 12 बजे प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार के साथ बैठकर बच्चे मध्यान्ह भोजन कर रहे थे। जहां पर बच्चों को तहरी के साथ ही हलवा भी दिया गया था।
यहां पर कक्षा एक में पंजीकृत 10 बच्चों के सापेक्ष चार, कक्षा दो में पंजीकृत 13 के सापेक्ष तीन, कक्षा तीन में 13 के सापेक्ष आठ, कक्षा चार में 10 के सापेक्ष तीन और कक्षा पांच में 15 के सापेक्ष पांच बच्चे ही उपस्थित रहे। विद्यालय के कुछ उपस्थित बच्चों को पुस्तक वितरित की जा चुकी थी तो वहीं कुछ बच्चों को पुस्तक नहीं दी गई थी।
मध्यान्ह भोजन करने के बाद विद्यालय परिसर में एक छात्रा झाडू़ भी लगाते नजर आई। बच्चों को मास्क नहीं मुहैया कराया गया था। अधिकतर बच्चे बिना मास्क ही स्कूल में थे।
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