मंझनपुर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व रविवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर शनिवार को पूरे दिन बाजार गुलजार रहे। राखी, मिठाई और उपहारों की दुकानों में दिनभर भीड़ लगी रही। बाजारों में भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी रही।
पिछले साल जहां रक्षाबंधन का त्योहार कोरोना के डर में मना था तो इस बार जिले के बाजार गुलजार दिखाई दिए। जिला मुख्यालय मंझनपुर हो या फिर, करारी, भरवारी, सरायअकिल, सिराथू, मनौरी, पश्चिमशरीरा, अजुहा, देवीगंज, चायल, मूरतगंज समेत सभी छोटी-बड़ी बाजारों में शनिवार को सुबह से ही राखी, मिठाई की दुकानें सज गई थीं। कपड़े, रेडीमेड समेत गिफ्ट सेंटर भी गुलजार रहे। सुबह दस बजे के बाद से ही महिलाएं और बच्चियां बाजार में राखी और मिठाइयां खरीदती रहीं। करीब डेढ़ साल बाद इस तरह से बाजारों में भीड़ उमड़ने से दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे हैं। शनिवार को मौसम ने भी सबका साथ दिया। लोगों ने बाजार में खूब खरीददारी की। दोपहर बाद हुई बरसात से भीड़ छंट गई थी, लेकिन देर शाम फिर बाजार गुलजार हो गया। बाजारों में भीड़ के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
देशी राखियों की धूम, चाइनीज रही गायब
मंझनपुर। इस बार बाजार में सबसे सस्ता रेशम की पारंपरिक राखी खूब बिकी। डिजाइन के साथ राखी की कीमत भी अलग-अलग रही। खास बात ये देखने को मिली कि चायनीज राखियां बाजार से तकरीबन गायब रहीं। बाजार में देशी राखियों की धूम रही। बच्चों को लुभाने वाली कार्टून राखी की आकर्षक रेंज भी देखने को मिली। इसमें डोरेमोन, छोटा भीम, बेन टेन, मोटू पतलू, बार्बी डॉल और डबलू-बबलू सहित म्यूजिक-लाइट्स राखी शामिल रही।
आरटीपीसीआर जांच के बाद जेल में भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें
मंझनपुर। रक्षाबंधन पर जेलों में निरुद्ध बंदी सिर्फ महिला परिजनों से ही मुलाकात कर सकेंगे। मुलाकात करने वाली महिलाओं को फेस मास्क के साथ पहचान पत्र और 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ लानी अनिवार्य होगी। कोरोना महामारी को देखते हुए जेल प्रशासन ने गाइड लाइन जारी कर दी है।
जेल अधीक्षक राकेेश सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन जेल में निरुद्ध बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाली प्रत्येक महिला के पास पहचान पत्र, फेस मास्क व कोविड 19 की 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए। तभी वे मुलाकात कर सकेंगी। यदि किसी महिला के पास आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं है तो वे राखी एवं टीका सामग्री एक लिफाफे में रखकर कारागार के बाहर निर्धारित स्थल पर जमा करा दें, ताकि राखी व टीका सामग्री कारागार में निरुद्घ उनके भाई के पास पहुंचाई जा सके। आदेशों का पालन नहीं करने वाली महिला की उसके बंदी भाई से मुलाकात नहीं हो सकेगी। यही नियम पुरुष मुलाकाती परिजनों पर भी लागू होगा, जिनकी बहनें कारागार में निरुद्घ हैं।
Rakshabandhan today: Crowd gathered in the markets, the situation of jam remained- फोटो : KAUSHAMBI