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ओमिक्रॉन : देश लौटे 89 नागरिकों का नहीं लग रहा सुराग

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Omicron: No clue of 89 citizens who returned to the country - फोटो : KAUSHAMBI
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ओमिक्रॉन की दहशत के बीच जिले में विदेश से लौटने का सिलसिला जारी है। दिसंबर महीने के 27 दिन के भीतर विदेश से आए 395 नागरिकों में से 89 लोगों का कोई सुराग नहीं लग रहा है। इस वजह से इनकी कोविड जांच नहीं हो पा रही है। शासन स्तर से उपलब्ध सूची में पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ र्गइं हैं। बगैर जांच के घूम रहे विदेश से घर आए इन नागरिकों से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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कई देशों में कोरोना का नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि ये कोविड के डेल्टा स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक दिसंबर से 27 दिसंबर तक जिले में 395 लोग विदेश से घर लौटे हैं। इसमें पांच लोग एट रिस्क (जहां ओमिक्रॉन फैला है) देशों से आए हैं।
हालांकि, सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि अब तक इनमें से 178 लोगों की ही कोरोना जांच की जा सकी है। वहीं, 74 लोगों की सैंपलिंग होनी बाकी है। सर्वाधिक चिंता की बात यह है कि शासन से प्राप्त विदेश लौटे नागरिकों की सूची में शामिल 89 लोगों का कोई सुराग नहीं लगा है।
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सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सूची में पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन्हें नहीं खोज पा रही हैं। इनमें से यदि कोई भी ओमिक्रॉन संक्रमित हुआ तो वो जिले में कोरोना का नया स्ट्रेन फैल सकता है। इनके अलावा सूची में शामिल 44 नागरिक ऐसे हैं जिनका मूल निवास तो कौशाम्बी है। लेकिन वह रहते दूसरे महानगरों में है। लिहाजा ये सभी विदेश से लौटने के बाद महानगरों में ही रुक गए हैं। विभाग ने इसकी सूचना संबंधित जिले के सर्विलांस अफसरों को दे दी है।
प्रतिरक्षण, टीकाकरण एवं कोविड जांच को चलेगा दस्तक अभियान
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को सीएमओ ने अपने कार्यालय में कोविड वैक्सीनेशन, सर्विलांस और सैंपलिंग की रफ्तार बढ़ाने के लिए बैठक की। इसमें 31 दिसंबर तक 95 फीसदी लोगों को टीके की पहली व 60 प्रतिशत को दूसरी खुराक लगाने का लक्ष्य तय किया गया। बैठक से गैरहाजिर चायल पीएचसी प्रभारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई।
सीएमओ डॉ. केसी राय ने बताया कि जनपद में अब तक 91 फीसदी लोगों को कोविड की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। वहीं महज 43 फीसदी लोग ही वैक्सीन की दूसरी डोज ले सके हैं। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को देखते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया गया। बताया कि दस्तक अभियान चलाकर आशा, एएनएम घर-घर जाकर संदिग्धों को चिह्नित कर कोविड जांच व टीकाकरण के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया।
सीएमओ ने कहा कि रोजाना प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो-दो हजार लोगों को टीका लगाएं। जिससे कि 31 दिसंबर तक 95 फीसदी लोगों को पहली तथा 60 प्रतिशत को दूसरी खुराक लगाई जा सके। बैठक में डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंदप्रकाश मणि, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल के साथ ही सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक एवं नोडल अफसर मौजूद रहे।
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