मुख्यालय स्थित साधन सहकारी समिति स्रोत : संवाद
मंझनपुर। कम आमदनी के चक्कर में घाटे से घिरी साधन सहकारी समितियां फिर से अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकेंगी। इसके लिए शासन ने समितियों में जन सेवा केंद्र और जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी की है। इस पर काम भी तेजी से चल रहा है। योजना धरातल पर उतरने के बाद समितियों की आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी।
जिले में कुल 64 साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें से करीब 12 समितियां घाटे में चल रही हैं। इसके अलावा भी तमाम समितियां ऐसी हैं, जिनकी आमदनी उतनी नहीं हो पाती, जितने खर्चे हैं। इसकी वजह से समितियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। कर्मचारियों को सालों से वेतन तक नहीं मिल पाया है। शासन ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए हैं।
खाद, बीज और कीटनाशक की बिक्री के साथ आमदनी के अन्य स्रोत भी बनाए जा रहे हैं। इसी के तहत हर समिति में जन सेवा केंद्र खोला जा रहा है। जिले की 43 समितियों को जन सेवा केंद्र के पोर्टल पर पंजीकरण हो गया है। 13 समितियों में कंप्यूटर भी पहुंच गए हैं। साधन सहकारी समिति मंझनपुर, टेवां, महगांव में समेत कई जगह यह सुविधा शुरू हो चुकी है। बिजली के बिल जमा करने, मोबाइल के रिचार्ज, विभिन्न योजनाओं के आवेदन समेत अन्य कार्य के लिए कस्बे के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। समितियों में ही काम हो जाता है। अन्य समितियों में भी जल्द ही यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मंझनपुर और भरवारी समिति में पेट्रोल पंप भी खोले जाने हैं। इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।
जिले की 25 साधन सहकारी समितियों में जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी है। इन केंद्रों के संचालन के लिए मानदेय पर फार्मासिस्ट रखे जाएंगे। फार्मासिस्टों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसी के साथ कुम्हियावां, पिपरकुंडी, आलमचंद भरवारी और कादिरपुर समिति में जन औषधि केंद्र के पंजीकरण के लिए एफएसडीए में शुल्क जमा किया जा चुका है। अन्य जगह अभी यह प्रक्रिया चल रही है।
सरकार की ओर से साधन सहकारी समितियों की आमदनी बढ़ाने के लिए उनमें जन सेवा केंद्र और जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं। दो जगह पेट्रोल पंपों की स्थापना भी होनी है।
-आरके द्विवेदी, एआर कोऑपरेटिव