सरायअकिल। किशोरी की हत्या मामले में शनिवार तक उसके जिस नाबालिग भाई का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ रहा था, पुलिस की पूछताछ में मुख्य हत्यारोपी उसका पिता निकला। साजिश के तहत उसने नाबालिग बेटे को जुर्म कुबूल करने को थाने भेजा था। रविवार को हत्या में शामिल माता-पिता, बड़े भाई को जेल भेज दिया गया। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया।
सरायअकिल कोतवाली के गांव में रहने वाली एक किशोरी का गांव के गैर बिरादरी के युवक से प्रेम संबंध था। इसका घर वाले विरोध करते थे। शुक्रवार रात किशोरी युवक से फोन पर बात कर रही थी। इस पर घरवालों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।
इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि जब किशोरी का 13 वर्षीय छोटा भाई कोतवाली पहुंचा और खुद हत्या करने की बात कही तो पुलिस को संदेह हुआ। मौके की जांच के दौरान ऑनर किलिंग का मामला सामने आया।
पुलिस ने किशोरी के पिता, मां और बड़े भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आई। आरोपियों ने बताया कि हत्या में सबकी अलग-अलग भूमिका थी। किशोरी के बड़े भाई घनश्याम व उसके छोटे नाबालिग भाई ने पैर पकड़ रखा था। किशोरी की मां नीता उसके पीठ पर बैठी थी और उसने बेटी के दोनों हाथ पकड़ रखे थे। जिससे वह किसी तरह का विरोध न कर सके।
पिता मनराखन ने कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। घटना रात करीब दो बजे हुई। इसके बाद सभी लोग शव ठिकाने लगाने का प्लान बनाते रहे। इतने में सुबह हो गई और ग्रामीण जागने लगे। आवाजें आने लगीं। इसके बाद किशोरी के पिता ने नाबालिग बेटे को कोतवाली जाकर हत्या करने की बात कुबूल करने को कहा। पुलिस ने किशोरी के दो मोबाइल फोन, उसके पिता का मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया है।