सर्दी बढ़ने के साथ जुकाम-बुखार गले में खरास और खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में लोगों को राहत देते हुए बाजार में उपलब्ध कई दवाइयों के दाम 6.25 से 11.02 फीसदी तक कम हो गए हैं। ऐसे में आम लोगों के इलाज का खर्च कुछ हद तक कम हुआ है। हालांकिए ऑपरेशन से जुड़ी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
जीएसटी कम होने के बाद बाजार में नया स्टॉक आने लगा है और इसके साथ ही दवाइयों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में जुकाम-बुखार, गले में खराश, एलर्जी और खांसी में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों के साथ एंटीबायोटिक इन्हेलर और इंसुलिन जैसी जरूरी दवाइयां भी करीब 6.25 फीसदी तक सस्ती हो गई हैं। मधुमेह से जुड़ी कई दवाइयां, कुछ एंटीबायोटिक और सांस की दवाओं के दामों में छह महीने पहले भी कटौती की गई थी।
कौशाम्बी केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बाला जी केसरवानी ने बताया कि बुखार और दर्द में दी जाने वाली जीरोडॉल एसपी की 10 गोलियों के दाम 149 से घटकर 139 रुपये हो गए हैं। इसी तरह गुडसेफ टैबलेट की कीमत 164 से घटकर 153.75 रुपये हो गई है। दवाइयों के दामों में कमी का मुख्य कारण बाजार में नया स्टॉक आना बताया जा रहा है।
वहीं मेडिकल संचालक बबलू तिवारी ने बताया कि एक महीने पहले कई कंपनियों ने करीब 15 से 20 फीसदी दवाइयों के दाम बढ़ाए थे। उस समय स्टॉकिस्टों के पास पुराने दामों का स्टॉक मौजूद था। अब जैसे ही कंपनियों के नए दामों वाला स्टॉक बाजार में आया है, उसी हिसाब से नए रेट लागू हो गए हैं।
मेडिकल संचालक अनिल कुमार ने बताया कि एक हफ्ते जो दवाएं आई हैं, वह नए दाम पर ग्राहकों को दी जा रही है। जबकि जो दवा पहले आ चुकी हैं उन्हें पुराने ही रेट पर देना पड़ रहा है।
दवाओं के कितने दाम घटे
दवा पहले अब
पैंटाप डीएसआर 241 230
मॉक्सीकाइंड 204 191
लीव-52 टेबलेट 300 275
बेनाड्रिल सिरप 189 170
सुफ्रामाइसिन 61 56.74
इलेक्ट्राल 23 20
एरोकार्ट इनहेलर 331 300
मोंटीमाइकएल 60 50.52