अजुहा। करीब 17 वर्ष पहले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत देने के उद्देश्य से बनी कांशीराम कॉलोनियां देखरेख के अभाव में बदहाली की मिसाल बन गई हैं। कई कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं। कई स्थानों पर आवंटन के बावजूद लोग बसने ही नहीं पहुंचे। हालात यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने आवासों की खिड़की-दरवाजा तक अराजकतत्व उखाड़ ले गए हैं।
जिले में कांशीराम कॉलोनी का निर्माण वर्ष 2007-08 में बसपा सरकार के दौरान कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत कराया गया था। तीन चरणों में आवास का निर्माण हुआ। पहले चरण में मंझनपुर के घना का पुरवा और गांधी नगर मोहल्ले में करीब एक हजार आवास बनाए गए। इनमें से लगभग 700 में लोग रह रहे हैं, जबकि करीब 300 आवास आज भी खाली हैं।
दूसरे चरण में नगर पंचायत अजुहा के रसूलपुर मढ़िया मई में 593 आवासों की तीन मंजिला कॉलोनी बनाई गई। तीसरे चरण में सिराथू में 400 और सरायअकिल में 34 परिवारों के लिए आवास बने।
अजुहा और सिराथू की स्थिति चिंताजनक है। यहां आवंटन के बाद भी लोग बसने नहीं पहुंचे। अजुहा में तो लंबे समय से खाली पड़े आवासों के दरवाजे-खिड़कियां और जरूरी सामान चोरी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली-पानी कनेक्शन, फिनिशिंग जैसी सुविधाएं पूरी न होने और कॉलोनियों के बस्तियों से बाहर होने के कारण आवंटन के बाद भी लोग यहां रहने से कतराते रहे।
विडंबना यह है कि नगर में आज भी कई जरूरतमंद परिवार छप्पर व तंबू के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जबकि पक्के आवास सूने पड़े हैं। वहीं मुख्यालय से लेकर नगर पंचायत तक जिम्मेदार अधिकारी कॉलोनियों को आबाद कराने के बजाय जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
कॉलोनी निर्माण एक नजर में
निर्माण अवधि- 2007-08 (तीन चरण)
पहला चरण- मंझनपुर (घना का पुरवा, गांधी नगर) - 1000 आवास
दूसरा चरण- अजुहा (रसूलपुर मढ़िया मई) - 593 आवास
तीसरा चरण- सिराथू - 400, सरायअकिल - 34 आवास
वर्तमान स्थिति- मंझनपुर में 300 आवास खाली
सिराथू में अधिकांश आवास सूने
अजुहा में रसूलपुर मढ़िया मई की कॉलोनी बदहाल, चोरी हो गए खिड़की दरवाजे
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यह कॉलोनी ससुर खदेरी नदी के निकट जंगल में बनी है। इसी वजह से वहां कोई रहने नहीं गया। यहां पर अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं सिस्टम की अनदेखी के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बनी कांशीराम कॉलोनी खंडहर में तब्दील होती जा रही है। आवास में खिड़की, दरवाजे, पेयजल की पाइप लाइन आदि चोरी हो चुके हैं। - रामू,
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जिन कॉलोनियों का पहले चरण में आवंटन हुआ था, वहां प्रतापगढ व फतेहपुर जनपद के लोग निवास कर रहे हैं। उनकी जगह दूसरे लोग कॉलोनी में निवास करते हैं। इसकी जांच हो तो सत्यता उजागर हो जाएगी।- केसरी सिंह
कॉलोनी के निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को मिली थी। विभाग ने केवल आवंटन किया था। इसके बाद नगर पंचायत व नगर पालिका को इनकी देखरेख करना था।- कमरान अहमद, जिला समन्वयक डूडा
कांशीराम कालोनियों की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से कार्य योजना की जांच कराई जाएगी। साथ ही सभी काॅलोनियों की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन कराकर आवश्यक सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। -डॉ. अमित पाल, जिलाधिकारी
बदहाल कांशीराम कॉलोनी अजुहा का हाल। संवाद
बदहाल कांशीराम कॉलोनी अजुहा का हाल। संवाद
बदहाल कांशीराम कॉलोनी अजुहा का हाल। संवाद
बदहाल कांशीराम कॉलोनी अजुहा का हाल। संवाद