अपात्र होने के बाद भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले अब एफआईआर के डर से धनराशि लौटा रहे हैं। इनमें अधिकांश ऐसे लोग हैं जो आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। आयकर विभाग से सूची मिलने के बाद कृषि विभाग ने इन लोगों को नोटिस जारी किया था। अभी तक जिले के 1126 लोगों ने किसान सम्मान निधि की धनराशि लौटा दी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिले में बड़ी संख्या में अपात्र लाभ ले रहे हैं। राजस्व विभाग की अनदेखी के चलते ऐसे लोगों का भी डाटा फीड करा दिया गया, जो आयकर विभाग को नियमित रूप से टैक्स की अदायगी करते थे। आयकर विभाग ने अपात्रों के आधार नंबर पर जिले 2153 लोगों को चिह्नित करते हुए कृषि विभाग को सूची मुहैया कराई थी। इस पर कृषि विभाग की तरफ से सभी को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस पहुंचने के बाद अब एफआईआर के डर से ऐसे लोग किसान सम्मान निधि के रूप में ली गई धनराशि लौटा रहे हैं।
सदर, कुंडा, रानीगंज, पट्टी और लालगंज तहसील क्षेत्र के 1126 लोगों ने अभी तक किसान सम्मान निधि की संपूर्ण धनराशि लौटा दी है। इधर, जिलेभर में इन दिनों अपात्रों से रुपये वापस कराने की मुहिम तेज कर दी गई है। जिले में किसान बनकर अपात्र जहां योजना का लाभ ले रहे थे, वहीं जिले के हजारों किसान ऐसे भी हैं, जो पात्रता के बावजूद अभी तक सम्मान निधि का इंतजार कर रहे हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. रघुनाथ सिंह का कहना है कि जो लोग गलत तरह से लाभ ले रहे हैं, मामला पकड़ में आने पर उन्हें नोटिस देकर रुपये जमा करने को कहा गया है।
दस हजार से अधिक पेंशन पाने वाले भी अपात्र
खेती किसानी करने वाले मंत्री, सांसद, विधायक, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, आयकरदाता और 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले लोग किसान सम्मान निधि के लिए अपात्र माने गए हैं। चतुर्थ श्रेणी या समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।