बुजुर्गों की सेवा करने से खुलते हैं खुशहाली के द्वार: एडीएम
अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर वृद्ध आश्रम ओसा में बुजुर्गों को किया गया सम्मानित
मंझनपुर/कड़ा। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर शुक्रवार को वृद्धजन आश्रम ओसा में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जहां एडीएम और जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बुजुर्ग नागरिकों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग बोझ नहीं, आशीर्वाद हैं। उनकी सेवा करने से खुशहाली के द्वार खुलते हैं।
एडीएम जयचंद्र पांडेय ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए। उनका तिरस्कार करने वालों को ईश्वर भी माफ नहीं करता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि बुजुर्ग हम सभी को वटवृक्ष की तरह छाया देते हैं। हमारा कर्तव्य है कि उनकी सेवा और सम्मान करें। बुजुर्गों के सम्मान से परिवार में उसी तरह खुशहाली आती है। इस मौके पर वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वृद्धजनों से वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। सूरजकली ने बताया कि घर से भी ज्यादा अच्छी व्यवस्था है। यह वृद्धाश्रम ही अब एक मात्र सहारा है। यहां पर प्रतिदिन समय-समय पर मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन मिलता है। नियमित चिकित्सीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। इस पर एडीएम ने वृद्धजन आश्रम संचालक आलोक राय की सराहना की। कहा आगे भी वह इसी तरह बुजुर्गों का ख्याल रखें। एडीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी वृद्धजनों के पेंशन फार्म आज ही भरवाकर उन्हें पेंशन दिलाना सुनिश्चित करें।
वहीं अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर शुक्रवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय सौंरई बुजुर्ग में गांव के वृद्धजनों को सम्मानित किया गया। प्रधानाध्यापक अजय कुमार साहू ने गांव के अशर्फी लाल मौर्य, रामलाल पाल, कृष्णपाल यादव, कल्लू गुप्ता, बलदेव गौतम, झूरी पाल आदि को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना चाहिए। यदि हम बुजुर्गों की सेवा का संकल्प लें तो वृद्धाश्रम जैसी परंपरा ही बंद हो जाएगी। इस दौरान लोगों ने बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करने का संकल्प लिया। इस मौके पर वीरेंद्र शंकर, शशि देवी, राम प्रसाद, राजेश शर्मा, शिवम केसरवानी, आशीष श्रीवास्तव, अनूप सिंह, योगेंद्र, पूजा, सुनीता आदि मौजूद रहे। संवाद