क्षेत्र के भटवरिया गांव के पास बुधवार की सुबह 14 बंदरों के शव सड़क किनारे मिले। जबकि करीब 10 बंदर अर्धमूर्छित हालत में थे। बंदरों की मौत की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर पशु चिकित्साधिकारी की टीम को मौके पर बुलाकर बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम मृतक बंदरों के शवों का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
भटवरिया गांव के लोग बुधवार की सुबह गांव स्थित छजुआ बाबा आश्रम की ओर गए तो उन्हें सड़क किनारे 14 बंदर मृत अवस्था में पड़े मिले। जबकि, करीब दस बंदर अर्ध मूर्छा की हालत में थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि किसी ने बंदरों को जहरीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद यहां लाकर सड़क के किनारे फेंक दिया गया।
बंदरों की मौत की सूचना पर आसपास के गांव के कुछ लोगों ने बंदरों के शव को ले जाकर दफना दिया गया। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस के साथ ही उच्चाधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने चंद्र नारायण पुत्र गाजी प्रसाद की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। पशु चिकित्साधिकारी की तीन सदस्यीय टीम ने बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सक डॉ. पूजा पांडेय ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। बिसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा गया। देर शाम सभी शवों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर दिया गया।