पश्चिमशरीरा कोतवाली के जाफरपुर महावां के एक व्यक्ति की बीमारी का इलाज कराने के बहाने पंजाब ले जाया गया। वहां जालंधर में उसका धर्म परिवर्तन कराने का भी आरोप है। छह महीने बीत गए, लेकिन भुक्तभोगी की बीमारी ठीक नहीं हुई और पांच लाख रुपये भी नहीं मिले। उलाहना देने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए उसकी पिटाई कर दी। पीड़ित की तहरीर पर मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
जाफरपुर महावां निवासी वीरेंद्र कुमार दिवाकर ने बताया कि वह सर्वाइकल बीमारी से पीड़ित है। कई वर्षों से इलाज करा रहा है, फिर भी आराम नहीं मिल रहा है। अस्पताल आते-जाते पिछले साल उसकी मुलाकात मंझनपुर कस्बे के कटरा नगर मोहल्ला निवासी शंकरलाल चौरसिया से हुई थी। उसने झाड़-फूंक कराकर बीमारी ठीक कराने का झांसा दिया था।
वीरेंद्र का आरोप है कि शंकरलाल मई 2024 में उसे पंजाब के जालंधर खंबरा नकोदर रोड स्थित गिरजाघर ले गया। वहां उसने झांसा देकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। धर्म परिवर्तन कराने में उसके साथ मसीही समुदाय के कई लोग शामिल थे। उन लोगों ने उसे एक हजार रुपये भी दिए थे।
धर्म परिवर्तन कराने वालों ने तब उससे यह भी कहा था कि पांच लाख रुपये घर पहुंचने पर मिल जाएंगे। वीरेंद्र के मुताबिक आरोपी की पत्नी भी अब तक उससे यही कहती रही कि पांच लाख आने पर ही इलाज कराया जाएगा।
अब हाल यह है कि घटनाक्रम को करीब छह महीने बीत चुके हैं। बीमारी ठीक होना तो दूर, वादे के मुताबिक उसे रकम भी नहीं मिली। 18 जनवरी को वह इलाज पर बातचीत करने आरोपी के घर गया। आरोप है कि बातचीत करने पर अपने घर पर शंकर लाल ने गाली-गलौज करते हुए उसकी पिटाई कर दी।
पिटाई के बाद पीड़ित वीरेंद्र ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पीड़ित की तहरीर पर जांच-पड़ताल के बाद रविवार शाम कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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आरोपी युवक के खिलाफ धर्म परिवर्तन कराने के साथ ही मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
संजय तिवारी-इंस्पेक्टर, मंझनपुर