प्रयागराज से पर्यटन स्थल कौशाम्बी को जाने वाली फोरलेन सड़क के मुआवजे में राजस्व व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिली भगत सामने आई है। उनपर किसानों से सांठ-गांठ कर जमीन को धारा 80 कराकर करोड़ों रुपए का गोलमाल किए जाने का आरोप है।
कोसम इनाम के मजरा गढ़वा निवासी अमृत लाल, पितंबर लाल और जयसिंह ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि आराजी संख्या 1030 में जयसिंह व अमृतलाल सह खातेदार हैं। वहीं, 1031 में पितंबर आदि खातेदार हैं। इन्हीं दोनों आराजी से फोरलेन सड़क गुजरी है। लेकिन, तत्कालीन लेखपाल फर्जीवाड़ा कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 1032 व 1033 में सड़क निर्माण दिखा रहे हैं।
काश्तकरों ने तीन मई को जिलधिकारी से इसकी शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया था। काश्तकारों का आरोप है कि बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार की अगुवाई में लेखपालों की टीम जांच करने पहुंची तो टीम में आरोपी लेखपाल भी शामिल रहा, जो मामले की लीपापोती करना चाहता है।
वहीं, टीम में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि आरोपी लेखपाल अपने पक्ष में रिपोर्ट लगवाने का दबाव बना रहा है। लेकिन, टीम में शामिल सदस्यों ने जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी लेखपाल को टीम से हटाए बिना इंसाफ मिलना संभव नहीं है।
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किसी भी सूरत में जांच टीम मनमानी नहीं करने पाएगी। निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में आरोपी लेखपाल को इसलिए शामिल किया गया कि वह मौके पर जाकर बताए कि किस आधार पर उसने नापजोख की थी।एसपी वर्मा, एसडीएम- मंझनपुर