रेफर सेंटर बना डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल
-मुकम्मल चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में असमय मौत के शिकार हो रहे गंभीर पीड़ित
-मासूम नैतिक की मौत को इसी से जोड़कर जा रहा देखा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मुकम्मल चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में द्वाबा का डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल रेफर सेंटर बन गया है। मारपीट, सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों अथवा आगजनी में झुलसे लोगों को अस्पताल में चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। वक्त पर इलाज नहीं होने से अक्सर लोग असमय ही मौत का शिकार हो जा रहे हैं। इसकी नमूना शनिवार शाम सड़क हादसे में घायल मासूम नैतिक के इलाज में देखने को मिली। पांच घंटे तक इलाज नहीं मिलना ही उसकी मौत का कारण बना।
सड़क हादसों में घायल, मारपीट में जख्मी अथवा आग की घटनाओं में झुलसे लोगों को सबसे पहले इमरजेंसी वाहन से नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर पीड़ितों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। पर, यहां भी मुकम्मल चिकित्सकीय सेवा नहीं होने के कारण डॉक्टर देखते ही पीड़ितों को एसआरएन रेफर कर देते हैं। बताते चलें कि डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में न तो बर्न यूनिट है और न हि सिटी स्कैन की व्यवस्था। ऐसे में रेफर करना चिकित्सकों की मजबूरी होती है। रेफर और रेफर के चक्कर में पीड़ितों को वक्त पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से कइयों की जान चली जाती है। शनिवार शाम कोखराज के लोहरा गांव के समीप हादसे में बेटे समेत दंपति की मौत के मामले में ऐसा ही कुछ देखा गया। हादसे में मासूम नैतिक के सिर पर गंभीर चोट लगी थी। इमरजेंसी वाहन ने उसे पहले पीएचसी मूरतगंज पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर उसे सीधे एसआरएन रेफर करना चाह रहे थे। पर, नियमों की बंदिश के कारण मासूम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता नहीं होने के कारण उसे यहां से भी रेफर कर दिया गया। इन सभी प्रक्रियाओं के बीच तकरीबन पांच घंटे तक उसे जरूरी स्वास्थ्य सेवा नहीं मिली। नतीजतन एसआरएन पहुंचने से पहले मासूम की सांसें थम गईं।
अहलादपुर में लगा यीशु दरबार, मुस्तैद रही पुलिस
-प्रार्थना, भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मनाया गया जन्मोत्सव
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नेवादा (ब्यूरो)। चायल तहसील के अहलादपुर गांव में रविवार को प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया गया। अनुयायियों ने प्रार्थना, भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जन्मदिन की खुशियां मनाई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहा।
कौशाम्बी के विभिन्न गांवों में इधर कुछ महीनों से ईसाई धर्म की गतिविधियां बढ़ी हैं। विश्व हिंदू परिषद के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। विहिप कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में एक भी ईसाई नहीं हैं। इसके बावजूद बाहरी लोग जिले के गांवों में प्रार्थना सभा की आड़ में गरीबों, बेसहारों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। विहिप की शिकायत पर प्रशासन की ओर से आधा दर्जन से अधिक कार्रवाई भी की गई। इसके बाद अनुयायियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर रविवार को अहलादपुर गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आश्रम प्रमुख सोनेलाल की अगुवाई में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान प्रार्थना, भजन, प्रवचन के साथ ही बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस मौके पर रामकुमार, कृषन, शारदा पाल,नितेश कुमार समेत सैकड़ों अनुयायी मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसी तरह की अव्यवस्था न हो इसके लिए इलाकाई पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहा।