नए साल में अपना होगा डिपो
- रेल रैक प्वाइंट, परिवहन, शिक्षा और सिंचाई के क्षेत्र में हैं नई उम्मीदें
उम्मीदें 2018
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले को वर्ष 2018 से बड़ी उम्मीदें हैं। नए साल में जिले के विकास में परिवहन, शिक्षा, सिंचाई व उर्वरक के क्षेत्र में चार चांद लगेंगे। परिवहन के क्षेत्र में जिले के पास खुद का डिपो होगा तो शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की भी स्थापना संभव है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा। कृषि क्षेत्र में 30 साल से सूखी पड़ी रामगंगा कमांड, निचली रामगंगा कमांड नहरों का कायाकल्प किया जाएगा। छह साल से तैयार जोगापुर पंप कैनाल भी चालू होगी। उर्वरक की आपूर्ति के लिए रेलवे किनारे जिले में खुद का रैक प्वाइंट बनेगा। जिले में केले की अधिक पैदावार को देखते हुए इसे पकाने के लिए चैंबर बनाने की भी तैयारी चल रही है। इसके अलावा खाद्यान्न सुरक्षित रखने के लिए एफसीआई गोदाम बनेगा। खास बात यह होगी कि जिले के रोही बाईपास के पास औद्योगिक केंद्र की भी स्थापना की जाएगी।
बस डिपो के लिए भेजा गया 12 करोड़ का प्रस्ताव
जिले को अस्तित्व में आए 20 साल बीत गए हैं। अभी तक यहां रोडवेज का डिपो नहीं बन सका है। इसके चलते जिले की परिवहन व्यवस्था गैर जनपद के डिपो के भरोसे संचालित हो रही है। परिवहन के क्षेत्र में सुविधाओं को लेकर लगातार उठ रही मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने सिराथू तहसील के कादीपुर गांव में भूमि का चिन्हांकन करते हुए 12 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा है। नए वर्ष में शासन से धन मिलने की पूरी उम्मीद है। बजट मिलते ही जिले में रोडवेज डिपो का निर्माण चिन्हित भूमि पर शुरू करा दिया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय के लिए भी भूमि आवंटित
जिले की शिक्षा व्यवस्था अन्य शहरों की तुलना में कमजोर है। बेहतर शिक्षा के लिए यहां के बच्चों को पड़ोसी जनपदों का सहारा लेना पड़ता है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जिले का शैक्षणिक स्तर सुधारने की योजना बनाई है। सिराथू तहसील प्रशासन से उन्होंने केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर बसे कादीपुर गांव में भूमि का चिन्हांकन कराते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि वर्ष 2018 में बजट स्वीकृत होते ही केंद्रीय विद्यालय का भी निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार आना तय है।
40 साल से बंद नहरों का होगा कायाकल्प
जिले के किसानों के लिए वरदान कही जाने वाली रामगंगा कमांड, निचली रामगंगा कमांड 40 साल से बंद चल रही हैं। इससे किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को डीएम की पहल पर रामगंगा कमांड के एक्सईएन ने कायाकल्प किए जाने के लिए दो करोड़ 89 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट मिलते ही दोनों नहरों का कायाकल्प नए वित्तीय वर्ष में होना तय है। इसके अलावा नवनिर्मित जोगापुर पंप कैनाल को चालू कराने के लिए विद्युतीकरण का धन मिलते ही काम शुरू करा दिया गया है। जल्द ही इस नजर में सिंचाई के लिए किसानों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
किसानों के लिए सुविधाओं में होगा इजाफा
नए साल में किसानों के लिए सुविधाओं का द्वार खुलने की पूरी उम्मीद दिख रही है। उर्वरक के लिए रेल रैक प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है। रैक प्वाइंट बनने से उर्वरक संकट से निजात मिल जाएगा। इसी तरह जिले में एफसीआई का गोदाम न होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में क्रय केंद्रों पर परेशानी होती है। क्रय केंद्र में खाद्यान्न डंप होने के बाद खरीद बंद हो जाती है। जिले में एफसीआई का गोदाम बनने पर किसानों व विभाग को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा जिले में केले का उत्पादन अधिक होता है। पकाने के लिए प्लांट नहीं होने से मजबूरी में कच्चा केला बेचना पड़ता है। इससे उत्पाद का अपेक्षित दाम नहीं मिलता है। उद्यान विभाग द्वारा इसके लिए रैपनिंग चैंबर स्थापित कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जल्द ही जिले के किसानों को यह सुविधा भी मिलने लगेगी।
रोही बाईपास के पास होगा औद्योगिक हब
जिले में उद्योग धंधे नहीं होने के कारण लोगों को रोजी-रोजगार कमाने के लिए गैर जनपद व प्रांतों की शरण लेनी पड़ रही है। इसे डीएम ने बड़ी समस्या के रूप में लिया है। उन्होंने जिले के रोही बाईपास एरिया को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित विभाग से प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही इसे अंजाम देने के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।