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एमपी की बारिश से यमुना, बेतवा उफनाईं

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बांदा में केन नदी की बाढ़ में नाव से सैर सपाटा करते शहरी बाशिंदे। - फोटो : BANDA
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बांदा/हमीरपुर/जालौन/। लगातार हो रही बारिश और मध्यप्रदेश की नदियों और बांधों में पानी बेइंतहा भरने से हमीरपुर, जालौन और बांदा में यमुना, केन और बेतवा नदियों उफान मारने लगी हैं। हमीरपुर में तो यमुना खतरे के निशान को पार कर गई, वहीं बेतवा भी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही। बांदा में बारिश थमने के बाद केन और यमुना नदियों में बाढ़ सी स्थिति बन गई। वहीं जालौन में यमुना नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बहने लगी है।
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बांदा में रिहायशी इलाकों में दो दिनों से बारिश थमने के बाद अब केन और यमुना नदियों में बाढ़ की स्थितियां पैदा हो गईं हैं। मध्य प्रदेश की घाटियों में हुई बारिश का पानी गंगऊ और बरियारपुर बांधों से होकर केन नदी में पहुंचा है। इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांदा में बृहस्पतिवार की शाम केन नदी का जलस्तर 99 मीटर पर पहुंच गया। यह पिछले एक हफ्ते में पांच मीटर पानी बढ़ा है। हालांकि, खतरे के निशान से अभी पांच मीटर नीचे है। खतरे का निशान 104 मीटर पर है। उधर, नदी का जलस्तर बढ़ जाने के बाद शहर के नजदीक भूरागढ़ के पास बड़ी संख्या में लोग बाढ़ का लुत्फ ले रहे हैं। मल्लाह उन्हें अपनी नाव से नदी का सैर सपाटा कराकर कमाई कर रहे हैं।
उधर, बरियारपुर बांध/वियर में भी बाढ़ है। इसकी क्रस्टवाल से साढ़े 6 हजार क्यूसेक पानी बृहस्पतिवार को केन नदी में गिरता रहा। अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वह बांध पर रहकर लगातार नजर रख रहे हैं। फिलहाल इसका जलस्तर 608.4 फीट हो गया है। हमीरपुर में यमुना का खतरे का निशान 103.632 मीटर है। बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे जलस्तर 103.680 पर रहा। 20 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी बढ़ रही है। दोपहर 12 बजे तक खतरे के निशान से ऊपर 0.304 सेमी पहुंच गई है। बेतवा अभी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। मौजूदा में नदी का जलस्तर 103.180 है, जबकि खतरे का बिंदु 104.546 मीटर पर है। नदियों के किनारे की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
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शहर के चूरामन डेरा, राठ मार्ग के किनारे रह रहे परिवार सामान समेट कर ऊंचाई के स्थानों पर पहुंच रहे हैं। शहर के गौरादेवी नई बस्ती, पुराना यमुना घाट, डिग्गी व सिडरा गांव के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं कुरारा ब्लाक के पारा गांव जाने वाले मार्ग में बेतवा नदी की बाढ़ का पानी नाले व सड़क में भरा है। जिससे आवागमन ठप है। मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता करनपाल सिंह ने बताया दोनों नदियां ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी से बढ़ रही हैं। शहर से नदियों में गिरे गंदे नालों के पानी निकासी के चैनलों को बंद कर दिया गया है। बेतवा तटबंध पर बड़े देव बाबा स्थान के पास बंधे में पंपसेट लगाकर पानी को निकाला जा रहा है।
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