राजपुर (कानपुर देहात)। यमुना का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। गुरुवार को नदी का पानी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे पहुंच गया। इससे जैसलपुर व महदेवा गांव के लोगों को बाढ़ से राहत मिली है। ग्रामीणों ने घरों की मरम्मत का काम शुरू किया है। इधर बीमारी फैलने की आशंका को लेकर स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची और लोगों का परीक्षण कर दवाओं का वितरण किया।
राजपुर ब्लॉक से निकली यमुना नदी का जलस्तर घटने लगा है। इससे बाढ़ग्रस्त जैसलपुर, महदेवा व गौहानी बांगर गांव में हालत सामान्य होने लगे है। गांव के रास्ते व गलियों में भरा पानी अब निकल गया है। लोगों ने कच्चे घरों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इधर काफी समय से जलभराव होने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
महदेवा गांव के उदयवीर, करन सिंह, अभिमन्यु सिंह, राकेश बाबू, विशाल को बुखार आ रहा था। इस पर प्रधान रामकेश कठेरिया ने जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। गुरुवार को राजपुर पीएचसी से स्वास्थ्य टीम महदेवा गांव पहुंची।
डॉ. शिव विनायक त्रिपाठी ने 24 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के बाद दवाएं दीं। वहीं गौहानी बांगर गांव में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक यूडी उपाध्याय ने प्राइमरी स्कूल में कैंप लगाकर दवाएं बांटीं। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी।
गौहानी व जैसलपुर गांव में हुआ टीकाकरण
बाढ़ग्रस्त जैसलपुर व गौहानी बांगर गांव में गुरुवार कोरोना टीकाकरण कैंप लगाया गया। गौहानी बांगर में 95, जैसलपुर में 100 लोगों को टीका लगाया गया। राजपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. डीके सिंह ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ दवाएं वितरित की जा रही हैं। (संवाद)