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फैसला: माता-पिता को प्रताड़ित करने वाला बेटा संपत्ति से बेदखल, एसडीएम सदर कोर्ट ने दिए देखभाल करने के आदेश

Tue, 12 Oct 2021 06:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ब्रह्मदीन ने बेटे की प्रताड़ना से आजिज आकर एसडीएम सदर की कोर्ट में वाद दाखिल किया था। आरोप लगाया था कि वह शराब का लती है। मकान अपने नाम करने का दबाव बनाता है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने व मकान अपने नाम करने का दबाव बनाने वाले बेटे को एसडीएम सदर की कोर्ट ने संपत्ति से बेदखल करने का आदेश सुनाया है। चेतावनी दी है कि माता पिता की देखभाल न करने की स्थिति में उस पर कार्रवाई भी की जा सकती है। 
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बिधनू के गोपाल नगर जुगइया रोड निवासी रक्षा विभाग से सेवानिवृत्त (78) ब्रह्मदीन पत्नी बसंती देवी और विधवा बेटी व उसके दो बच्चों के साथ अपने मकान में रहते हैं। इसी मकान में उनका बेटा मनोज कुमार भी पत्नी बच्चों के साथ रहता है। मनोज बिल्हौर तहसील में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।

ब्रह्मदीन ने बेटे की प्रताड़ना से आजिज आकर एसडीएम सदर की कोर्ट में वाद दाखिल किया था। आरोप लगाया था कि वह शराब का लती है। मकान अपने नाम करने का दबाव बनाता है। उन्होंने बेटे की हरकतों की वजह से मकान की वसीयत अपने पौत्र के नाम कर दी है। मगर उसे यह मंजूर नहीं।
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वह इस बात का दबाव बनाता है कि घर से विधवा बहन और उसके बच्चों को निकाल दिया जाए। ऐसा न करने पर गाली गलौज करता है और जान से मारने की धमकी देता है। वाद दाखिल करने से पहले विवाद बढ़ने पर कई बार पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने समझौता कराया लेकिन मगर समस्या हल नहीं हुई।

धमकी देता है कि वह तहसील में तैनात है। पुलिस व प्रशासन के अफसर उसका कुछ नहीं करेंगे। इस पर एसडीएम सदर की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और हकीकत परखी। पता चला कि बुजुर्ग माता पिता की मंशा में दोष होता तो वे बेटे के बेटे यानी अपने पौत्र के नाम वसीयत क्यों करते? साथ ही पुलिस में की गई शिकायतों में इस बात का उल्लेख पाया गया कि मनोज शराब पीकर माता-पिता के साथ मारपीट और गाली गलौज करता है।

इस पर एसडीएम कोर्ट ने मनोज को बुजुर्ग की संपत्ति से बेदखल करने का आदेश सुनाया। साथ ही कहाकि वह अपने माता-पिता की सेवा करे। यदि उनकी तरफ से फिर शिकायत आई तो कोर्ट कार्रवाई का आदेश देगा। मनोज कुमार ने इस फैसले के विरोध में एडीएम न्यायिक की कोर्ट में अपील की है। 
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