कानपुर में निर्माणाधीन पनकी पॉवर प्लांट के श्रमिक की मौत के आठ दिन बाद भी मुआवजा न मिलने पर बुधवार को साथी श्रमिकों ने हंगामा किया। मजदूरों ने काम बंद कर दिया और प्रबंधन व ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने बीचबचाव कर 12 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का समझौता कराकर मामला शांत कराया। कन्नौज के ढेवड़ा गांव का अमित कुमार (24) पनकी में मजदूरी करता था। पांच जुलाई को वह काम करके तिरपाल बिछाकर जमीन पर सो गया।
तभी ट्रैक्टर को बैक करते समय पहिये के नीचे आने से उसकी मौत हो गई। अमित अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की जानकारी अन्य मजदूरों ने परिजनों को दी थी। लेकिन, ठेकेदार ने पुलिस को घटना की जानकारी दिए बिना उसकी मां उर्मिला को गुमराह कराकर अंतिम संस्कार करा दिया और उसे 20 हजार रुपये पकड़ाकर गांव भेज दिया।
अन्य मजदूरों को बताया कि परिजनों को पूरा मुआवजा दे दिया गया है। बुधवार को मृतक की मां उर्मिला और बहन पिंकी पनकी पॉवर प्लांट पहुंचीं और अन्य मजदूरों के साथ 20 लाख रुपये की मांग करने लगीं। उनके समर्थन में दूसरे मजदूरों ने भी काम बंद कर धरना दिया।
पुलिस पहुंची तो कार्यदायी संस्था बीएचईएल के अधीन काम मरने वाली कंपनी सिम्पलेक्स के प्रबंधक ने दो लाख रुपये कैश और बीमा का 10 लाख रुपये तीन माह बाद देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
एक मजदूर की हादसे में मौत हो गई थी। उसके परिजन बुधवार को कंपनी से मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर कुछ देर काम बाधित हुआ। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और मामला शांत है।- आरपी सक्सेना, महाप्रबंधक, पनकी पॉवर प्लांट