फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कैसे उन्नाव से हुआ 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' का जन्म

Sat, 20 Jun 2020 03:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
1 of 5
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
यूपी के उन्नाव जिले में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन के प्रयासों और दूसरे प्रांतों से वापस लौटे प्रवासियों की अनूठी पहल ने जिले को सुर्खियों में ला दिया है। शनिवार को विभिन्न प्रदेशों के प्रवासियों से ऑनलाइन मुखातिब हुए प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना को लागू करने में उन्नाव जिले के एक क्वारंटीन सेंटर में प्रवासियों की सेवा की अहम भूमिका रही।

क्वारंटीन अवधि में हैदराबाद से लौटकर गांव आए तीन प्रवासियों ने हसनगंज के नारायनपुर प्राथमिक स्कूल क्वारंटीन सेंटर का रंग-रोगन कर उसका कायाकल्प कर दिया। इन तीनों ने कक्षा पांच तक की शिक्षा भी इसी स्कूल में ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सराहा। उन्होंने कहा कि यही गरीब कल्याण योजना की आधारशिला बनी।

लॉकडाउन के बाद हैदराबाद में रहकर काम कर रहे हसनगंज के नारायनपुर गांव के मूल निवासी तीन युवक विनोद कुमार, अरुण कुमार और कमलेश 12 दिन पैदल चलकर 23 अप्रैल को गांव पहुंचे थे। तीनों को 14 दिन के लिए नारायनपुर परिषदीय स्कूल में क्वारंटीन किया गया था।

यहां पर खाली बैठे रहने के दौरान तीनों को विचार आया कि क्यों न अपने पेंटिंग के हुनर का इस्तेमाल किया जाए। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत सचिव धीरेंद्र रावत और ग्राम प्रधान राजू यादव को दी तो उन्होंने तीनों को पेंट व ब्रश उपलब्ध कराए। इसके बाद तीनों स्कूल का रंग-रोगन (पुताई) करने में जुट गए। क्वारंटीन अवधि में ही तीनों ने बिना कोई मेहनताना लिए पूरे स्कूल का कायाकल्प कर दिया। तीनों ने सुंदर चित्रकारी कर सभी का मनमोह लिया।

प्राथमिक विद्यालय की दीवार में कुल 38 वाल पेंटिग व 85 स्लोगन लेखन सहित कार्टून बनाए। यह अनूठा काम करने वाले तीनों श्रमिकों ने इसी विद्यालय में कक्षा 5 तक की शिक्षा ग्रहण की थी। उनके हुनर की जिला प्रशासन ने भी तारीफ की।

उनके कार्यों की सराहना करते हुए प्रमाणपत्र भी दिया गया था। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने प्रवासियों द्वारा किए गए स्कूल के कायाकल्प का जिक्र किया। योजना का श्रेय देते हुए कहा कि प्रवासियों के इस कार्य से उन्हें योजना का विचार आया।

विज्ञापन

2 of 5
स्कूल जिसे देखकर पीएम मोदी के मन में आया गरीब कल्याण रोजगार अभियान का विचार - फोटो : अमर उजाला
रास्ते में बदमाशों से छीन लिया था सामान
लॉकडाउन के बाद यह प्रवासी श्रमिक पैदल घर लौटते समय एक-एक रुपये के मोहताज हो गए थे। हैदराबाद से पैदल घर वापसी करने के दौरान रास्ते में कुछ बदमाशों ने तीनों को जमकर पीटने के बाद मोबाइल, पैसा व अन्य सामान छीन लिया था।
विज्ञापन

3 of 5
स्कूल जिसे देखकर पीएम मोदी के मन में आया गरीब कल्याण रोजगार अभियान का विचार - फोटो : अमर उजाला
डीएम, सीडीओ पहुंचे स्कूल, किया सम्मानित
शनिवार दोपहर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार, सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, एडीएम राकेश सिंह प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां पर बीडीओ केएन पांडेय व ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र रावत भी मौजूद थे। डीएम ने प्रवासी श्रमिक विनोद व कमलेश को अपने मोबाइल से 2 मिनट 7 सेकेंड का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुनाया। साथ ही गमछा देकर सम्मानित किया। विनोद ने जिलाधिकारी को अब तक घर में बिजली कनेक्शन न होने की जानकारी दी तो डीएम ने एक्सईएन को फोन करके तुरंत कनेक्शन देने के निर्देश दिए।

4 of 5
स्कूल जिसे देखकर पीएम मोदी के मन में आया गरीब कल्याण रोजगार अभियान का विचार - फोटो : अमर उजाला
प्रवासियों की कहानी, उनकी जुबानी

- विनोद पुत्र घसीटे ने बताया कि हैदराबाद में रोज 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कमा लेते थे। लॉकडाउन में गांव आए तो स्कूल में क्वारंटीन हुए। 14 दिन तक क्वारंटीन रहने के आदेश होने पर सोचा कि इसी बहाने अपने स्कूल को साफ-सुथरा किया जाए जिसमें उन्होंने कक्षा पांच तक पढ़ाई की थी। पंचायत सचिव से सफाई व पुताई की अनुमति मांगी। पेंट व ब्रश मिलने के बाद स्कूल का रंग-रोगन कर दिया। कहा कि अब गांव में कोई रोजगार मिल जाएगा तो हैदराबाद नहीं जाएंगे।

- कमलेश पुत्र लल्लू को जब गांव के सचिव ने प्रधानमंत्री द्वारा सराहना किए जाने की जानकारी दी तो उन्हें एक बार तो इस पर विश्वास ही नहीं हुआ। उनके काम को इतनी प्रशंसा मिलेगी इसका अनुमान भी नहीं था। बताया कि उसने ऐसा कभी सोचा भी नहीं था वह इतना बड़ा काम कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री तारीफ करेंगे। बताया कि अब यहीं गांव में अपने परिवार के साथ रहकर कोई काम करेगा। बहुत दिनों बाद परिवार के साथ रहा तो परिवार की अहमियत का अंदाजा हुआ।

अधिकारियों की टीम और जनता के लिए गौरव की बात: डीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रवासियों के काम की प्रशंसा करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। इन प्रवासी श्रमिकों को जल्द ही मुख्यालय पर बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। अभी दो श्रमिक ही गांव में मिले हैं। तीसरा श्रमिक अरुण पुत्र राजू गांव में नहीं है। वह चंडीगढ़ चला गया है। उसे भी बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्कूल जिसे देखकर पीएम मोदी के मन में आया गरीब कल्याण रोजगार अभियान का विचार - फोटो : अमर उजाला
जून माह में जिले की दूसरी बड़ी उपलब्धि
जिला प्रशासन को एक माह में दो उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इससे पहले 10 मई को औद्योगिक एवं अवस्थापना आयुक्त ने माह में प्रदेश की प्रथम ईज आफ  डूईंग बिजनेस रैंकिंग जांची थी तो उसमें जनपद में 2176 आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण मिला था। नए उद्यम लगाने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आए आवेदनों को जिला प्रशासन से तय समय पर निस्तारित कराकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। इसमें भी जनपद का नाम प्रदेश में अव्वल रहा था। अब प्रवासियों के हुनर मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रशंसा किए जाने और इससे ही गरीब कल्याण रोजगार अभियान (योजना) की रूपरेखा तैयार होने का जिक्र करने के बाद उन्नाव का नाम देशभर में एक बार टॉप पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें