कभी जिंदगी से संघर्ष उनकी मजबूरी थी, आज वही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी पहचान है। एलिम्को की ब्रांड एंबेसडर और पैरा बोकिया खिलाड़ी सरिता द्विवेदी ने मिस्र की राजधानी काहिरा में हुए वर्ल्ड बोकिया चैलेंजर में दो रजत पदक जीते हैं। यह प्रतियोगिता 25 से 31 जुलाई तक हुई।
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एलिम्को निवासी सरिता का बोकिया सफर वर्ष 2024 में गोवा के इंटरनेशनल पर्पल फेस्ट से शुरू हुआ। पहली ही प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर प्रतिभा का परिचय दिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर वह आज देश की अग्रणी बीसी-3 महिला बोकिया खिलाड़ियों में शामिल हैं।
सरिता ट्रिपल एम्प्यूटी (तीन अंगों से दिव्यांग) होने के बावजूद हर कठिनाई का सामना मुस्कुराकर कर करती हैं। उनकी सफलता में एलिम्को के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहयोग किया। उन्हें वर्ष 2005 में राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से राष्ट्रीय बालश्री सम्मान, 2008 में राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण पुरस्कार, 2010 में गॉडफ्रे फिलिप्स माइंड ऑफ स्टील ब्रेवरी अवॉर्ड मिल चुका है।