शिवपाल सिंह यादव व अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच तालमेल होने से कानपुर शहर में विधानसभा चुनाव लड़ने के प्रसपा दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया है। इसमें कल्याणपुर और बिठूर सीट से पार्टी के अध्यक्ष-महामंत्री ने ही तैयारी कर रखी थी। सपा से इन सीटों पर पुराने सपाई और स्थापित नेताओं का दावा है।
ऐसे में गठबंधन या फिर संभावित विलय के बाद इनकी दावेदारी कठिन हो गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर अध्यक्ष आशीष चौबे कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र और महामंत्री विनोद प्रजापति बिठूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर तस्वीर साफ हो जाएगी। गठबंधन के बजाय प्रसपा का सपा में विलय होने की उम्मीद है।
इसके बाद सपा के पुराने दावेदारों और प्रसपा के मौजूदा दावेदारों को स्थापित करने की बड़ी चुनौती भी शिवपाल सिंह यादव पर होगी। कल्याणपुर से 2012 से 2017 तक सपा विधायक सतीश निगम और बिठूर से सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला रहे हैं। इसके अलावा प्रसपा से जुड़े कई नेताओं की शहर की अन्य सीटों से भी दावेदारी थी, लेकिन कल्याणपुर और बिठूर पर पार्टी के प्रमुख चेहरे दावा कर चुके हैं।
प्रगतिशील समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव यूनुस सिद्दीकी ने बताया कि प्रसपा और सपा के नेताओं के बीच कभी मतभेद नहीं रहा है। एक परिवार के सभी समाजवादी विचारधारा के नेता हैं। इसलिए सपा और प्रसपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच गिले शिकवे नहीं थे।
प्रगतिशील समाजवादी युवजन सभा के पूर्व नगर अध्यक्ष शिब्बू अंसारी ने बताया कि शिवपाल सिंह यादव के सपा के साथ आने से अखिलेश यादव की ताकत बढ़ेगी। सपा नगर अध्यक्ष डॉ. इमरान ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच नेताओं या कार्यकर्ताओं में कोई कटुता कभी नहीं थी। सीटों पर प्रत्याशी को उतारने का फैसला पार्टी का होगा और जो भी अखिलेश यादव कहेंगे वह पार्टी से जुड़े लोग करेंगे।