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रसूलाबाद सीएचसी में प्रसव के बाद दो नवजात की मौत

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रसूलाबाद। सीएचसी की मेटरनिटी विंग में मंगलवार को दो का प्रसव कराया गया। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने पर नवजातों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दोनों नवजात की मौत हो गई।
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सजावारपुर जोत गांव निवासी ज्ञान सिंह ने पत्नी पुष्पा (32) को मंगलवार को सीएचसी में भर्ती कराया था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुष्पा ने बेटे को जन्म दिया। कुछ देर बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर डॉ. रवि प्रकाश सोनी ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में नवजात की मौत हो गई। वहीं, लक्ष्मीपुर गंभीरा गांव निवासी सुभाष चंद्र ने पत्नी सुनैना (31) ने सुबह सवा पांच बजे बेटे को जन्म दिया। नवजात को भी हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि प्रसव के बाद नवजातों की हालत बिगड़ गई थी।
रेफर सेंटर बना मेटरनिटी विंग
रसूलाबाद। प्रसव के लिए मंगलवार को दो गर्भवती मेटरनिटी विंग में भर्ती हुई थीं। हालत बिगडने पर एक प्रसूता व दूसरी गर्भवती को रेफर किया गया।
सजावारपुर जोत गांव निवासी सुशील कुमार पत्नी मोहिनी देवी (20) को पहले प्रसव के लिए सीएचसी की मेटरनिटी विंग में भर्ती किया गया था। हालत बिगड़ती देख डॉ. बृजेश कुमार ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, सलेमपुर महेरा गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने पत्नी रानी देवी (32) को भर्ती कराया। यहां रानी देवी ने बेटे को जन्म दिया। अधिक रक्तस्राव पर उसकी हालत बिगड़ गई। डॉ. रवि प्रकाश सोनी ने हैलट रेफर कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में जटिल केस होने पर रेफर करना मजबूरी है।
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एक सप्ताह में पांच नवजात की हुई मौत
रसूलाबाद। सीएचसी की मेटरनिटी विंग में अधूरी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच प्रसव कराए जा रहे हैं। यहां महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती भी नहीं है। इसकी वजह से प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर सही इलाज नहीं मिल पाता है। एक सप्ताह में पांच नवजात की मौत हो चुकी है।
सीएचसी में वर्ष 2014 में मेटरनिटी विंग बनना शुरू हुआ था। वर्ष 2017 से यहां प्रसव कराए जा रहे हैं। मेटरनिटी विंग में बनाए गए एनआईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, कंगारू मदर केयर वार्ड सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ अभी तक नहीं हो पाया है। इन्हीं अव्यवस्थाओं के चलते 8 सितंबर को आजाद नगर निवासी शाहीन के नवजात बेटे की मौत हो गई थी। 9 सितंबर की रात में उसरी मित्रसेनपुर निवासी पूजा की नवजात बेटी की मौत हो चुकी है। 11 सितंबर को धर्मूपुर तिस्ती निवासी प्रियंका की नवजात बेटी की मौत हो गई थी। वहीं, मंगलवार को सीएचसी की मेटनिटी विंग से रेफर दो नवजात की मौत हो गई। इस तरह से अब तक पांच नवजात की मौत हो चुकी है।
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