कानपुर देहात। अकबरपुर के धंजुआ गांव में तीन दिन पहले आत्महत्या करने वाले युवक के परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधक पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सोमवार को परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
धंजुआ गांव निवासी रामजीवन सिंह चंदेल ने बताया कि 27 अगस्त को बेटे श्याम प्रताप उर्फ नीरज ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के तीन दिन बाद सोमवार को उसके मोबाइल में एक वीडियो मिला है जो उसने आत्महत्या करने से पहले बनाया था। वीडियो में उसने फैक्टरी प्रबंधक के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने की बात कही है।
मृतक के पिता ने बताया कि बेटा रायपुर की एक धागा फैक्टरी में काम करता था। वहां काम करने के दौरान 23 जून 2016 को गंभीर रुप से घायल हो गया था। कंपनी ने ईएसआई फंड से इलाज कराने के बाद हाथ खींच लिए। जबकि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए लिखा था। धन के अभाव में इलाज नहीं हो सका, जबकि घायल होने पर फैक्टरी प्रबंधन ने पूरा इलाज कराने की बात कही थी।
उसने बताया कि घायल होने से पहले की गई ड्यूटी के रुपये भी मैनेजर ने नहीं दिए। इलाज में मदद के लिए वह कई बार फैक्टरी गया लेकिन मैनेजर ने धमका कर भगा दिया। इससे आहत होकर बेटे ने आत्महत्या कर ली। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया था। सोमवार को पीड़ित के पिता ने तहरीर दी है। मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।