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उसरी नाला उफनाने से तीन सड़कें कटीं, मुसीबत बरकरार

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रसूलाबाद-औरैया मार्ग में सियारी नाला के पास कटी सड़क। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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रसूलाबाद। सियारी नाला का जलस्तर अब कम हो रहा है। हालांकि अभी भी 11 गांवों में पानी रास्तों पर भरा है। इससे दस हजार आबादी की मुसीबत बरकरार है। तीन सड़कें कट गई हैं। दस किमी का चक्कर लगाकर वाहन निकल रहे हैं। धान की फसलें भी जलमग्न है।
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औरैया जिले के धुपखरी उपरेंगा से निकले सियारी नाला में अतिवृष्टि का पानी आ गया था। उफनाए नाले का पानी गांवों में घुसने व रास्तों की पुलिया डूबने से आवागमन प्रभावित हो गया था। अब करीब पांच दिन बाद शुक्रवार को पानी का स्तर काफी कम हो गया है। इसके बाद भी गांवों में रास्तों पर जलभराव है। कठारा उसरी मार्ग पर सड़क पर पानी बह रहा है। रसूलाबाद औरैया के बीच चलने वाली रोडवेज बसें व अन्य वाहन रसूलाबाद झींझक रोड से डेयरी के पास कल्ला पुरवा गांव होते हुए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालांकि रसूलाबाद लहरापुर मार्ग से पैदल आवागमन भी शुरू हो गया है। पानी के बहाव से पुलिया के पास सड़क कट गई है। यहां निकलने के प्रयास में कई दोपहिया वाहन व साइकिल सवार फंस गए। लोगों ने मशक्कत कर राहगीरों को निकाला। इसके साथ ही तेज बहाव से पालनगर-झींगापुरवा, कठारा-उसरी पुलिया के पास की सड़कें भी कट गई हैं। झींगापुरवा, मड़ैया, महेंद्र नगर गांव में भी पानी घटा है। अब लोगों को पानी उतरने पर कीचड़ होने और इससे संक्रामक बीमारी की आशंका सता रही है।
खेतों में जलभराव से धान की फसल चौपट होने की आशंका हैं। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि धीरे-धीरे जलस्तर कम हो रहा है। फसल नुकसान का बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। कटी सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
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