बसरेहर (इटावा)। मनरेगा पोर्टल पर बारिश के दौरान सूखे खेत दिखाकर मजदूरों का वहां पर काम करने का फोटो अपलोड किया जा रहा है। इस तरह से मनरेगा के भुगतान में धांधली की जा रही है। ताजा मामला बसरेहर विकासखंड की ग्राम पंचायतों में सामने आया है। इसमें एक ही फोटो अपलोड कर दो पंचायतों से भुगतान करा लिया गया है। बारिश के मौसम में सूखे खेते में काम करते हुए भी पंचायतों में फोटो अपलोड कर भुगतान कराया जा रहा है। पंचायतों में महिलाओं के नाम से भी रुपये निकाले गए लेकिन फोटो में महिलाएं ही नहीं दिख रहीं हैं।
बता दें कि मनरेगा पोर्टल पर पुरानी बातों को नया बताकर मस्टर रोल भरे जाने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थीं। डीसी मनरेगा ने इन खबरों का संज्ञान लेकर बृहस्पतिवार को दो सदस्यीय टीम नामित की थी। चार दिन बीत जाने के बाद टीम जांच को नहीं पहुंची है। इसके चलते मनरेगा में रहा फर्जीवाड़ा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
ग्राम पंचायत बसरेहर में तीन अगस्त को एक फोटो लगाकर छह मजदूरों का मास्टर रोल भर दिया गया। इसमें सामुदायिक पौधरोपण कार्य कराया गया हैं। उसी फोटो को लगाकर उसी दिन दूसरी पंचायत जैतपुर तोताराम में भी कला बंबा से बलबीर के खेत तक नाली निर्माण खुदाई बताना दिखाकर 10 मजदूरों का मास्टर रोल भर दिया गया।
ग्राम पंचायत सरसई हेलू में तीन अगस्त को गोपाल पुर पुलिया से कर्री सीमा तक नाली खुदाई का काम मनरेगा के तहत कराया गया। इसमें मोबाइल से फोटो लेकर मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की गई है। देखने से यह फोटो काफी पुरानी लग रही है। मनरेगा पर अपलोड की गई फोटो में पीछे जमीन सूखी दिखाई दे रही है।
मनरेगा में हो रही गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश मेहरा, बीडीओ बसरेहर।
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इलाहाबाद कोर्ट में तारीख पर आया हूं। बारिश की वजह से नामित जांच अधिकारी मौके पर नहीं जा सके हैं। एक-दो दिन में जांच पूरी करवा ली जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश प्रसाद, डीसी मनरेगा।
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