हमीरपुर के भरुआसुमेरपुर में एक अरब की टर्नओवर वाली बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की निदेशक उमाकांती आज भी साधारण जीवन जी रही हैं। उनका परिवार कच्चे मकान में रहता है। उम्मीद है कि कंपनी से कुछ लाभ मिलेगा तो उनका जीवन स्तर सुधरेगा। यह बात उमाकांती के पति रामलाल पाल ने बताई। उमाकांती ने बताया कि डीएम उन्हें 15 अगस्त को सम्मानित करेंगे।
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया था। उन्होंने बांकी गांव की उमाकांती से भी संवाद किया। उन्होंने पीएम को बताया कि वह 2014 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। साथ ही स्वत: रोजगार पर जोर दिया। 2018 में बांदा में मिल्क डेयरी का प्रशिक्षण लिया।
इसी बीच बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए क्षेत्र में आई और उसने समूह की महिलाओं को जोड़ने का कार्य शुरू कर गांव-गांव दूध एकत्र करने के लिए प्रेरित किया। इस पर बांकी गांव की समूह की सदस्य उमाकांती भी जुड़ गईं। बीए तक पढ़ी होने से उन्हें यह व्यवसाय जम गया और आसपास के गांव के समूह की महिलाओं को भी जोड़ा।