आम बजट एक फरवरी को आना है। ऐसे में सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कॉरपोरेट जगत ने सरकार से तमाम सहूलियतों की मांग उठाई गई है। कंपनी सचिव और निर्यातकों का कहना है कि सरकार को निर्यात बढ़ाने के लिए खास जोर देना होगा।
इसके लिए बजट में स्कीम लानी चाहिए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और सस्ता लोन देने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, कानपुर चैप्टर के पूर्व चेयरमैन कंपनी सचिव अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड काल में सुस्त हुई अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कॉरपोरेट जगत को बजट में राहत की उम्मीद है।
उनका कहना है कि सरकार निर्यात बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे। निर्यातकों के लिए इंसेंटिव स्कीम में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना होगा। पेनाल्टी से ध्यान हटाकर शिकायत की व्यवस्था कम करनी चाहिए। व्यक्तिगत कर की दर कम करके स्लैब को बढ़ाना चाहिए।
आयात-निर्यात एक्सपर्ट जफर फिरोज ने बताया कि वर्तमान में चमड़ा और चमड़े से जुड़े उत्पादों के निर्यात में गिरावट देखी जा रही है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार को सबसे पहले कंटेनरों की व्यवस्था करनी चाहिए। बढ़ते भाड़े पर अंकुश लगाना चाहिए ताकि उत्पादों के दाम प्रतिस्पर्धी बने रहें। इसके अलावा निर्यातकों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत सरकार को बजट में देनी चाहिए।
ये व्यवस्था भी करे सरकार
- गोल्ड बांड्स और पेपर गोल्ड में निवेश के लिए आम लोगों को जागरूक करें। ताकि घरों में रखा सोना या धन का निवेश हो सके और लोगों का भी फायदा हो।
- स्टार्टअप, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए टैक्स में कमी की जाए।
- कॉरपोरेट के लिए कंपनियों की नई शुरुआत योजना समेत अन्य स्कीमों को अगले कुछ समय के लिए बढ़ाना चाहिए।
-मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स और जीएसटी पोर्टल की वेबसाइट का सही ढंग से संचालन हो।