बृजेश पाल की फाइल फोटो और खून से लतपत युवक का शव
प्रदेश में बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। भरे बाजार बदमाशों ने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मददगार की ही बदमाशों ने हत्या कर दी। शर्मशार करने वाली बात तो यह है कि घटना स्थल से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस पिकेट प्वाइंट और महज आधा किलोमीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है...
एेसा ही एक मामला कानपुर में सामने आया है। जहां पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहे युवक को बदमाशों ने भरे बाजार मौत के घाट उतार दिया आैर मौके से फरार हो गए। दिन दहाड़े हुई इस हत्या से लोग दहशत में हैं। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और हत्यारों की तलाश में जुट गयी।
लाल बंगला बाजार में मंगलवार को भरे बाजार तीन बदमाशों ने दुकानदार बृजेश पाल (38) की गोलियों से भून कर हत्या कर दी। बृजेश को जिंदा समझ बदमाशों ने उसकी लाश पर बम भी फेंके और पत्थर भी चलाए। वारदात के बाद वे असलहे लहराते हुए भाग निकले। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की तस्वीरें कैद हुई हैं। मौके पर पहुंचे एडीजी अविनाश चंद्र और एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने पड़ताल की। बृजेश पुलिस का मुखबिर भी था। हाल में ही उसने कुछ बदमाशों की सूचना पुलिस को दी थी।
फ्रेंड्स कॉलोनी रामादेवी निवासी बृजेश पाल की चकेरी पुलिस चौकी के सामने फोटोकॉपी और स्टेशनरी की दुकान है। मंगलवार दोपहर बृजेश महिला कर्मी कशिश को दुकान पर बैठाकर लाल बंगला बाजार (पंजाबी सलवार सूट दुकान के पास) में दोस्त नौशाद की रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर आ गया। दोपहर 3:00 बजे वह चाय पी रहा था कि पास की गली से एक बदमाश आया और बृजेश पर गोली चला दी। उसने दो गोलियां चलाईं लेकिन एक गोली लगने पर बृजेश भागा और बाइक स्टार्ट करने लगा।
तभी वहां खड़े दो बदमाशों ने पहले बृजेश को बाइक समेत गिराया फिर ताबड़तोड़ उस पर गोलियां चला दीं।भागते वक्त हत्यारों को लगा कि बृजेश जिंदा है तो उन्होंने लाश पर दो बम फेंके और पत्थर भी चलाए। वारदात के बाद एक बदमाश पास की गली से तो दोनों नई सब्जी मंडी की तरफ भाग निकले।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की तस्वीर
घटनास्थल पर पहुंचे आला अफसरों ने पड़ताल की। शक के आधार पर पुलिस ने एक दुकानदार के भांजे और दो महिलाओं को हिरासत में लिया है। साथ ही घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की तस्वीर कैद हुई है।
धड़ाधड़ गिरे दुकानों के शटर
भरे बाजार गोली और बम चलने से व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दिए। इधर घटना से गुस्साए दुकानदारों ने विरोध स्वरूप भी बंदी कर दी और जाम लगा दिया। एसपी ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा देकर मामला शांत कराया।
पुलिस का मददगार होने की मिली सजा
बृजेश पुलिस का मददगार था। वह चकेरी पुलिस चौकी और लालबंगला बाजार में ट्रैफिक व्यवस्थित कराने के लिए पुलिस के साथ काम करता था। क्षेत्र में होने वाले अपराध और अपराधियों के बारे में पुलिस को सूचनाएं देता था। साथ ही दबिश में भी जाता था। सूत्रों के मुताबिक बृजेश की सूचनाओं पर कई अपराधी जेल गए हैं। हाल में ही वांछित चल रहे राजा खटिक के बारे में बृजेश ने पुलिस को सूचनाएं दी थी। पुलिस ने राजा के बहनोई से पूछताछ की थी। इस दौरान उसे धमकी भी मिली थी।
315 बोर की थी गोलियां
एसपी पूर्वी अनुराग आर्या भी मानते हैं कि बृजेश पुलिस का मुखबिर था। एसपी के अनुसार प्रथम दृष्ट्या बृजेश को 315 बोर के तमंचे से तीन गोलियां मारी गईं हैं। यह गोलियां कमर और गले में लगी हैं। बाकी पोस्टमार्टम के बाद पता चल सकेगा कि कितनी गोलियां लगी हैं।
खुलासे को लगी स्पेशल टीम
एसपी की स्पेशल टीम, क्राइम ब्रांच, चकेरी, रेलबाजार समेत कई थानों में तैनात तेज-तर्रार पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक अहिरवां के बउआ नाम के एक युवक को भी हिरासत में लिया है। राजा खटिक और ईगल गैंग से जुड़े शातिरों की भी तलाश की जा रही है। व्यापारिक, व्यक्तिगत और पारिवारिक रंजिश भी देखी जा रही है।
पुलिस की सक्रियता की पोल खुली
जिस जगह पर बृजेश की हत्या हुई है। वहां से चंद कदम दूरी पर पुलिस का पिकेट प्वाइंट है। चकेरी पुलिस चौकी भी आधा किलोमीटर दूर है। इतना व्यस्त क्षेत्र और बाजार होने के बाद भी पुलिस की पिकेट और गश्त दोनों घटना के वक्त गायब थे। पुलिस भी घटना के 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जिससे पुलिस सक्रियता को पोल खुल गई।