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उफ नाए सियारी नाला ने 11 गांवों में बढ़ाई मुसीबत

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तरसौली गांव का जायजा लेते नायब तहसीलदार मनोज रावत। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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रसूलाबाद। सियारी नाला का जलस्तर बढ़ने से 11 गांवों की दस हजार आबादी की मुसीबत भी बढ़ गई है। इसमें दो गांव टापू बन गए हैं। पुलिया और फसलें डूब गई हैं। रसूलाबाद-औरैया मार्ग से नाले का पानी बहने से सड़क पर कटाव हो गया है। करीब दस किमी का चक्कर लगाकर वाहन निकल रहे हैं। अब लोगों को जहरीले जीव जंतुओं को डर सता रहा है।
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औरैया जिले के धुपखरी उपरेंगा झील से निकले सियारी नाला में अतिवृष्टि का पानी मंगलवार को और बढ़ गया है। रसूलाबाद लहरापुर मार्ग से आवागमन भी रुक गया है। मंगलवार को कई दोपहिया वाहन व साइकिल सवार पानी की तेज धार से निकलने के प्रयास में फंस गए। भारामऊ के पास सियारी नाला पुलिया की रेलिंग जलस्तर बढ़ने से डूब गई। वहीं, तेज बहाव से सड़क कट गई है। लोग अब दस किमी का चक्कर लगाकर रसूलाबाद पहुंचे रहे हैं। झींगापुरवा, मड़ैया, महेंद्र नगर, ताजपुर गांव की स्थिति सबसे खराब है। यहां के लगभग सभी मकान पानी से घिरे हुए हैं।
नाला उफनाने से उसरी मार्ग पर बनी कठारा पुलिया, महेंद्र नगर ताजपुर में बनी पुलिया व भारामऊ के पास की पुलिया डूब गई है। महेंद्र नगर स्थित पुलिया पर कमर तक पानी बह रहा है। महेंद्र नगर सेक्टर नंबर 2 व 4, ताजपुर, तरसौली, शंकरपुर, कल्ला का पुरवा आदि गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रसूलाबाद झींझक रोड से नमस्ते इंडिया डेयरी के पास कल्ला पुरवा गांव होते हुए लोग 10 किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय त्रिपाठी, संतोष मिश्रा, अजय यादव, अरविंद यादव, कल्लन यादव, संजीव पाल आदि ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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पानी निकालने का अन्य कोई विकल्प नहीं है। धीरे-धीरे जलस्तर कम होगा। इसके बाद सियारी नाला की सफाई कराई जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के अफसरों को निर्देशित किया गया है। फसल नुकसान पर किसानों को बीमा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा।
- अंजू वर्मा, एसडीएम रसूलाबाद
भारामऊ की पुलिया नवीनीकरण का प्रस्ताव अटका
रसूलाबाद। औरैया मार्ग पर भारामऊ के पास सियारी नाला की पुलिया क्षतिग्रस्त है। करीब नौ किमी मार्ग चौड़ीकरण व पुलिया नवीनीकरण के लिए 18 करोड़ का प्रस्ताव तीन माह पूर्व मंजूरी के लिए भेजा गया था। प्रस्ताव मंजूरी में फंसा है। इस सड़क के चौड़ीकरण व पुलिया नवीनीकरण से जलमग्न होने की दिक्कत नहीं होगी। वहीं, औरैया तक आवागमन की सहूलियत होगी। (संवाद)
चार गांवों की पांच सौ बीघा फसल जलमग्न
रसूलाबाद। सियारी नाला उफनाने से कठारा, महेंद्र नगर, भारामऊ व ताजपुर गांवों की करीब पांच सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। करीब दो हजार किसानों के प्रभावित होने का अनुमान है। किसानों का कहना है कि जल्द पानी कम न हुआ तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। (संवाद)
ग्रामीण बोले, घर गिरने का सता रहा डर
रसूलाबाद। झींगा पुरवा निवासी छोटेलाल, हरिकिशन राजपूत, भैया लाल राजपूत, राधेश्याम, पुष्पेंद्र, नरेंद्र राजपूत, अर्जुन राजपूत कहते हैं कि रास्तों व घरों के चारों तरफ पानी भरा है। घर गिरने का डर सता रहा है। पूरी रात जागकर कट रही है। मड़ैया गांव निवासी फतेह सिंह यादव, सौरभ यादव, धर्मेंद्र सिंह तथा कठारा गांव के गोपाल, प्रिंस, नीरज, पप्पू तिवारी आदि ने बताया कि गांव में पानी घुस गया है। रास्ते जलमग्न हैं। घर पानी से घिरे हैं। पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर हैं। पानी से होकर ही आना जाना हो रहा है। ऐसे में सांप व अन्य जहरीले कीड़ों का भय बना है। बच्चों घरों में कैद होकर रह गए हैं। (संवाद)
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