कानपुर में तैयार मेट्रो स्टेशन
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रेलवे संरक्षा आयुक्त से पहले अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की टीम मेट्रो रेल, ट्रैक आदि का परीक्षण करेगी। यह टीम मेन लाइन पर 50 से 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक ट्रेन चलाकर ट्रायल करेगी। यात्रियों के भार के लिए कोच में 20 टन बालू की बोरियों को रखकर मेट्रो ट्रेन के लोड का भी टेस्ट किया जाएगा।
इसके लिए आईआईटी से मोतीझील तक काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मी लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आईआईटी से मोतीझील तक गर्डर बिछाने का कार्य पूरा कर लिया है। ट्रैक बिछाने का कार्य भी लगभग 90 फीसदी, सिग्निलिंग, प्लेटफार्मों आदि के कार्य करीब 70 फीसदी पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
शेष कार्य भी इसी महीने पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव के अनुसार, 15 नवंबर के बाद सीआरएस (रेलवे संरक्षा आयुक्त) मेट्रो ट्रेन का ट्रायल करेंगे। उनका ग्रीन सिग्नल मिलते ही यात्रियों को यह सुविधा मिलने लगेगी।