दीपावली के बाद से मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से सांस के मरीजों में ऑक्सीजन लेवल घटने की दिक्कत पैदा हुई है।
खून में कॉर्बन डाइऑक्साइड बढ़ने केे लक्षण
-कमजोरी और थकान महसूस होना
-याददाश्त में कमी आना
-जरा सी बात पर गुस्सा आना, उलझन होना
-बेहोशी की हालत होना, कोमा में चले जाना
बचाव के लिए ये करें
-सिगरेट, बीड़ी पीना बिल्कुल बंद कर दें
-सुबह और रात को जब एक्यूआई अधिक हो बेवजह बाहर न निकलें
-घर में आग जलाकर न सोएं
-घर के बाहर टायर, ट्यूब, कचरा न जलाएं, वेंटिलेशन की व्यवस्था करें
-गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों का विशेष ख्याल रखें
प्रदूषण बढ़ने से सांस के मरीज बहुत खराब स्थिति में आ रहे हैं। कोरोना से ठीक होने वालों को भी दिक्कत हो रही है। इसके लिए प्रदूषण से बचें और योग करेें। पुराने मरीज अपनी दवा की डोज सही करा लें। डॉ. एसके कटियार, सीनियर चेस्ट फिजिशियन, पूर्व प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज