फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस हिरासत में मौत का मामला: बिधनू पुलिस का बड़ा खेल, अपने मुताबिक तहरीर लिख लगवाया अंगूठा

Tue, 25 Oct 2022 09:43 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिधनू के रमईपुर गांव में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खेल किया है। दरअसल, पुलिस ने अपने मुताबिक तहरीर लिखवाकर केस दर्ज कर लिया है, जबकि तहरीर पुलिस के खिलाफ थी। वहीं, मृतक के परिजन पुलिस पर पिटाई का आरोप लगा रहे हैं।
 
विज्ञापन
मृतक के रोते हुए परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में पुलिस हिरासत में राजेंद्र कठेरिया की मौत के मामले में बिधनू पुलिस ने बड़ा खेल किया है। जो तहरीर पुलिस के खिलाफ थी, उस पर केस नहीं दर्ज किया। अपनी गर्दन बचाने के लिए तहरीर बदलवाई और हत्या का केस मृतक के भाई पर ही दर्ज कर लिया।

विज्ञापन

जिन पुलिसकर्मियों पर मारपीट कर हत्या कराने का आरोप परिजनों ने लगाया है, उनको बचाने के लिए अफसर जुट गए हैं। पुलिस के इस खेल के विरोध में दर्जनों लोगों ने सोमवार दोपहर को थाने का घेराव भी किया। परिजनों के मुताबिक राजेंद्र का अपने भाई बबलू से रात को विवाद हुआ था।
रात करीब 11 बजे पुलिसकर्मी वहां पहुंचे थे। पहले वहां पर राजेंद्र को पीटा और फिर थाने ले आए थे। कुछ देर बाद राजेंद्र की तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। राजेंद्र के बेटे रजत ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने इस तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया।

विज्ञापन

इसके बाद में एक तहरीर बबलू पर हत्या का आरोप लगाकर लिखाई गई। इस पर राजेंद्र की पत्नी सुनीता का अंगूठा लगवा लिया गया। इस तहरीर पर केस दर्ज कर लिया। बता दें कि मामले की जांच आईजी रेंज को दी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

हम बेहोश थे, पुलिस वालों ने अंगूठा लगवा लिया
राजेंद्र की पत्नी सुनीता ने कहा कि पुलिस वालों ने उनके पति की हत्या की है। उनके बेटे ने तहरीर भी दी लेकिन उस पर एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में पुलिस वालों ने खुद एक तहरीर लिखी। उस पर उनका अंगूठा लगवा लिया। सुनीता का कहना है कि वह रोते-रोते बेहोश हो गई थी, तब पुलिस ने अंगूठा लगवाया।

पिता ने कहा था, बहुत मारा है
मृतक के बेटे रजत के मुताबिक देर रात को थाने में पिता राजेंद्र से मिलने गया था। राजेंद्र ने उससे कहा था कि पुलिस वालों ने बहुत मारा है। पिटाई के बाद से सीने में दर्द हो रहा है। जब इस बारे में उसने पुलिस वालों को बताया तो कोई दवा खिला दी। इसके बाद हालत और बिगड़ती गई। कुछ घंटों बाद राजेंद्र की मौत हो गई।

मामले को दबाने में जुटे रहे अफसर
आउटर पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। जब सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा तो एसपी आउटर ने दोपहर बाद बयान जारी किया। इसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दी। अब सवाल है कि मामूली विवाद के बाद राजेंद्र पुलिस की हिरासत में था, तो उसके भाई ने उनकी हत्या कैसे कर दी।
विज्ञापन

बता दें कि बिधनू में रविवार रात पुलिस हिरासत में एक अनुसूचित जाति के अधेड़ की मौत हो गई। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई, लेकिन पुलिस ने तहरीर में खेल कर मृतक के भाई के खिलाफ ही हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें