कोरोना संदिग्धों की जानकारी मिलने पर अब चिकित्सा टीम के साथ पुलिस की दो टीमें मौके पर पहुंचेंगी। पुलिस की एक टीम चिकित्सा टीम के साथ मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाएगी। दूसरी पुलिस टीम आधुनिक हथियारों के साथ कानून व्यवस्था में मुस्तैद रहेगी।
कोरोना संदिग्धों की जांच और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने के लिए लेने पहुंचे चिकित्सकों और पुलिस टीम पर हमले के बाद डीजीपी ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सभी थानों में पुलिस की ए और बी टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की ए टीम मेडिकल थ्री लेयर मास्क, एन-95 मास्क, पीपीई, फेस शील्ड, वाइजर, आई कवर, रबर का हेड कवर और एल्कोहल हैंड सैनिटाइजर से लैस होगी। बी टीम बॉडी प्रोटेक्टर, हायवर शील्ड, मास्क, डंडे और आधुनिक असलहों से लैस होगी।
कोरोना संदिग्धों की सूचना पर चिकित्सकों के साथ दोनों टीमें थाना प्रभारी या महकमे के बड़े अधिकारियों के निर्देश पर रवाना होंगी। पुलिस की ए टीम स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मरीज को एंबुलेंस में बैठाने या जांच कराने में मदद करेगी। टीम बी कानून व्यवस्था में मुस्तैद रहेगी।
अगर कोई माहौल खराब करने का प्रयास करता है तो उस पर बी टीम कार्रवाई करेगी। डीजीपी के निर्देश पर एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने सभी थानों में दोनों टीमों का गठन किया है। मरीज की जांच या अस्पताल पहुंचाने के बाद टीम ए प्रयोग की गई किट को जलाकर नष्ट कर देगी।