शेल्टर होम में ठहरे बेटों से मिली महिला
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हमीरपुर जिले में दरियापुर के शेल्टर होम में ठहराए गए सूरत से आए अपने कलेजे के टुकड़ों से मिलने पत्योरा गांव निवासी विधवा सुनीता पहुंच गई। झोले में वह बच्चों को खाना लेकर पहुंची तो शेल्टर होम के बाहर मौजूद उपजिलाधिकारी द्वारा उसके आने का कारण पूछते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी।
रोती बिलखती पत्योरा गांव निवासी सुनीता बोली कि उसके पति की पिछले साल मौत हो चुकी है। मेहनत मजदूरी करती है, बेटे ही उसका सहारा हैं। इसलिए मन बिचलित होने पर वह बच्चों के लिए खाना झोले में भरकर 21 किमी पैदल आई है।
उसने कहा कि बेटे प्रेमचंद्र ने फोन कर बताया था कि वह छोटे भाई धनीराम के साथ दरियापुर के आश्रम पद्धति विद्यालय में ठहरे हैं। कहने लगी कि बच्चों से मिलने की इच्छा को वह रोक नहीं सकी।