ब्रजेश ने बताया कि गहराई अधिक होने से कार आधी से अधिक डूब गई थी। पानी सभी के गले के पास तक पहुंच गया था। मौत बिल्कुल करीब थी। अचानक भगवान बनकर नहर में कूदे राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाल लिया। इससे सभी की जान बच गई।
उन्नाव जिले में पत्नी व बहन के साथ इलाहाबाद से लौट रहे कार सवार प्रवक्ता सामने से आ रहे ट्रक की रोशनी आंखों पर पड़ने से निर्माणाधीन पुल नहीं देख पाए और कार नहर में गिर गई। डूब रहे कार सवारों की चीख सुनकर मर्चेंट नेवी के अधिकारी और उसके दोस्त ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नहर में छलांग लगा दी और पुलिस की मदद से तीनों को सुरक्षित निकाल लिया।
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इस काम में दो अन्य राहगीरों ने भी मदद की। कोतवाली पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। पुल का निर्माण करा रही एजेंसी की ओर से पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न करना हादसे की वजह बना। आवास विकास कालोनी निवासी ब्रजेश चंद्र कौशल (38) बिजनौर के एक इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता हैं।
उनकी पत्नी नीलम जायसवाल (35) उन्नाव जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में हिंदी की प्रवक्ता हैं। ब्रजेश व उनकी बहन सोनम (25) ने जीआईसी में हिंदी प्रवक्ता के लिए आवेदन फार्म भरा था। रविवार को इलाहाबाद में परीक्षा थी। ब्रजेश पत्नी व बहन के साथ कार से इलाहाबाद से परीक्षा देकर घर लौट रहे थे।
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रात 11:30 बजे उन्नाव-पुरवा मार्ग पर सामने से आ रहे ट्रक की सीधी रोशनी आंखों में पड़ने से कार चला रहे ब्रजेश कुछ समझ नहीं पाए और कार निर्माणाधीन शारदा नहर पुल से नीचे पानी में गिर गई। पिलर के लिए नहर में खोदे गए 40 फिट गहरे गहरे गड्ढे में कार गिरते ही डूबने लगी।
जान बचाने के लिए कार में फंसे प्रवक्ता दंपती व बहन ने शोर मचाया तो जोतपुर निवासी मर्चेंट नेवी के अधिकारी (इस समय इंडोनेशिया में तैनात) अर्जुन सोनकर व उनके दोस्त राजा बाजार निवासी शुभम सोनी जान की परवाह किए बिना नहर में कूद गए। अर्जुन मर्चेंट नेवी में नौकरी करते हैं। दोनों के कूदने पर दो और राहगीर भी कूद गए। चारों ने डूबते हुए तीनों लोगों को कार से निकाल लिया।
भगवान बनकर पहुंचे राहगीर
ब्रजेश ने बताया कि गहराई अधिक होने से कार आधी से अधिक डूब गई थी। पानी सभी के गले के पास तक पहुंच गया था। मौत बिल्कुल करीब थी। अचानक भगवान बनकर नहर में कूदे राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाल लिया। इससे सभी की जान बच गई। हादसे के पांच मिनट बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और कार को क्रेन की मदद से नहर से बाहर निकलवाया।
पहले भी पुल से गिर चुके चार वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माणाधीन पुल से पहले भी चार वाहन नहर में गिर चुके हैं। निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमर चौधरी ने बताया कि राहगीरों को सावधान करने के लिए संकेतक व 15 सावधानी बोर्ड सड़क से नहर पुल के सामने व आसपास लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि नहर में वाहन न गिरे, इसके लिए बोर्ड लगाने के अलावा कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
पुलिस कर्मियों को दिया इनाम
नहर में कार गिरने व अंदर तीन लोगों के फंसे होने की सूचना पर पांच मिनट के अंतराल में पीआरवी 2947 के सिपाही हिमांशु कुमार, अजय नारायण, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल प्रेमचंद्र पांडेय व घनश्याम सरोज मौके पर पहुंचे। तीनों को पानी से बाहर निकालने में मदद की। नहर से प्रवक्ता दंपती समेत तीन की जान बचाने व क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाने में तत्परता के साथ मदद करने वाले पुलिसकर्मियों को आईजी लक्ष्मी सिंह ने 11 हजार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने यह जानकारी ट्विटर पर दी है।
बोले एसडीएम
एसडीएम राजेश चौरसिया ने कहा कि निर्माण कंपनी के जिम्मेदार को बुलाकर कहा जाएगा कि हादसों को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। कमियों को अविलंब पूरा न किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
दोनों युवकों का होगा सम्मान
कार सवारों की चीख सुनकर ढाबे से खाना खाकर लौट रहे अर्जुन व शुभम सोनी रुक गए। तैरना न आने की वजह से शुभम के घबराने पर अर्जुन ने साहस बढ़ाया और दोनों नहर में उतरकर कार तक पहुंच गए। कार के शीशे में हाथ डालकर दरवाजा खोला और एक-एक कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी दौरान अन्य दो राहगीराें ने भी मदद की। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि नहर से दंपती समेत तीन की जान बचाने वाले दोनों युवकों को सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया जाएगा।