उसकी रिपोर्ट के अनुसार पेड़ कटने योग्य हैं। प्रभागीय निदेशक ने भी क्षेत्रीय वन अधिकारी कानपुर रेंज की संस्तुति के आधार पर इस शर्त के साथ आठ मार्च को इन पेड़ों को काटने की अनुमति दी कि इनके बदले 10 गुना ज्यादा पौधे लगाने होंगे। पौधों का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने को कहा गया।
पेड़ को निर्माण में बाधा मानकर काटा गया
पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे गौरव वाजपेयी का कहना है कि निर्माण कार्य में पेड़ को बाधा मानकर काटा गया है। हरे पेड़ को काटने का कोई जायज कारण बताने के बजाय हाईटेंशन लाइन और पेड़ के पुराने होने की बात कही जा रही है। जबकि पेड़ का तना देखकर स्पष्ट है कि वह स्वस्थ था। कहीं से भी खोखला नहीं था। यदि बिजली के तारों से दिक्कत थी तो छंटाई कर पेड़ को बचाया जा सकता था। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मैं लखनऊ आई हूं। मंगलवार को इस मामले की जांच कराऊंगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।- प्रमिला पांडेय, महापौर
नीम के पेड़ से जानमाल का खतरा था। डीएफओ ने इस पेड़ के साथ ही वहां लगे सेमल के पेड़ को भी काटने का आदेश दिया है। इसी आधार पर फुटपाथ में लगा नीम का पेड़ काटा गया है।- एमपी सिंह, उद्यानिक सलाहकार, नगर निगम
नगर निगम की टीम ने जांच की थी। विभाग की तरफ से रेंजर को भी भेजा गया था। क्योंकि मामला जानमाल के खतरे से जुड़ा था, इस वजह से पेड़ काटने की अनुमति दी गई।- अरविंद यादव प्रभागीय वनाधिकारी
नगर निगम ने मांगी पेड़ काटने की अनुमति, कट गया तो विरोध भी जताया
तिलक नगर में एमरॉल्ड गार्डेन के सामने निर्माणाधीन शोरूम के बाहर लगे नीम के पेड़ को काटने के मामले में नगर निगम का खेल भी सामने आ रहा है। पहला तो यह कि यदि पेड़ हाईटेंशन लाइन को छू रहा था तो उसकी छंटाई की जा सकती थी, पूरा पेड़ क्यों काटा गया। दूसरा यह कि नगर निगम ने ही पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी।
पेड़ कट गया तब महापौर विरोध करने क्यों पहुंची। अनुमति मिलने के बाद भी इसे काटने से रोका जा सकता था। नगर निगम के उद्यानिक सलाहकार की ओर से पेड़ काटने के संबंध में 14 जनवरी को पत्र प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभार को भेजा गया था। इसमें पेड़ को खतरनाक बताकर इसे काटने की अनुमति मांगी गई थी। इस पर वन विभाग ने अनुमति दी थी। इस संबंध में विभाग का कहना है कि यह नगर निगम की संपत्ति है। इसकी जांच कराई गई थी। हाईटेंशन की वजह से इसे काटने को कहा गया था। हालांकि साथ में शर्त भी रखी गई थी कि आसपास दस गुने पेड़ नगर निगम को लगवाने होंगे।
नगर निगम की टीम ने जांच की थी। विभाग की तरफ से रेंजर को भी भेजा गया था। क्योंकि मामला जानमाल के खतरे से जुड़ा था, इस वजह से पेड़ काटने की अनुमति दी गई।- अरविंद यादव प्रभागीय वनाधिकारी
एक और पेड़ काटने की मिल चुकी है अनुमति
एमरॉल्ड गार्डेन के सामने नीम के पेड़ के अलावा सेमल के पेड़ को भी काटने की अनुमति जारी की गई है। ऐसे में संभावना है कि इस पेड़ को भी काट दिया जाएगा।