हनीट्रैप में फंसकर आर्डनेंस फैक्टरी (ओएफसी) में तैनात एक अफसर 29 लाख रुपये गंवा बैठे। जब उनके पास पैसे नहीं बचे तो युवती से गिड़गिड़ाने लगे। तब परिजनों को जानकारी हुई। इसके बाद गोविंदनगर थाने में शिकायत की गई। पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी मामले की तफ्तीश में जुटी है। मोबाइल नंबर व फेसबुक के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है।
गोविंदनगर इंस्पेक्टर रोहित तिवारी ने बताया कि गुजैनी निवासी ओएफसी अफसर के पास जून 2021 में अंजली मेहता नाम की आईडी से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। अफसर ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। पहले फेसबुक मैसेंजर पर दोनों की बातचीत होती रही। बाद में दोनों ने एक-दूसरे को व्हाट्सएप नंबर साझा किया। कई बार वीडियो कॉलिंग कर युवती ने बातचीत की।
इस दौरान युवती ने अफसर का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगी। अफसर ने बताए गए खातों में पांच बार में 29 लाख रुपये जमा कराए। पिछले सप्ताह उन्होंने युवती से फोन पर कहा कि अब उनके पास रुपये नहीं बचे हैं। यह बात उनके पिता ने सुन ली। तब पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
किसी ने फोन कर कहा, युवती ने सुसाइड कर ली
पुलिस को पीड़ित ने बताया कि पहले 15 लाख रुपये भेजे। उसके कुछ दिन बाद एक शख्स का फोन आया। उसने कहा कि वह क्राइम ब्रांच से बोल रहा है, जिस युवती से तुम बात करते थे, उसने खुदकुशी कर ली है। पैसे देकर मामला रफादफा हो सकता है। यह सुनकर वे दहशत में आ गए। इसके बाद दो बार में 14 लाख और ट्रांसफर कर दिए।
अलग-अलग राज्यों के खातों में गई रकम
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन से पता चला कि रकम अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई है। ये खाते दिल्ली, हरियाणा व पंजाब के हैं। अभी और जानकारी पुलिस जुटा रही है। मामला पुराना होने की वजह से जांच में परेशानी आ रही है। फेसबुक यूआरएल तक नहीं मिल सका है।
सावधानी बरतें, सतर्क रहें
- सोशल साइट पर अनजान शख्स से दोस्ती न करें
- सोशल साइट पर अश्लील चैट या वीडियो कॉलिंग करने से बचें
- जब भी कोई इस तरह से जाल में फंसाए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें
- साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अनजान वेबसाइट आदि पर लॉगिन न करें