पांच हो चुके निलंबित
जिलाधिकारी आलोक तिवारी के आदेश पर दो लेखपाल, एक कानूनगो, एक लेखाकार, एक पटल सहायिका को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
इन अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
अमित गुप्ता वर्तमान में एसीएम-2 हैं, लेकिन जब ये फर्जीवाड़ा हुआ तब ये तहसीलदार सदर हुआ करते थे। इन पर तत्कालीन तहसीलदार के तौर पर कार्रवाई हो रही है। अरसला नाज वर्तमान में हरदोई में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं, फर्जीवाड़े के समय ये सदर तहसील में नायब तहसीलदार थीं। विराग करवरिया वर्तमान में नायब तहसीलदार सदर हैं। उस समय भी सदर तहसील में तैनात थे।
ये लेखपाल होंगे निलंबित
हर नारायन दुबे, अश्विनी कुमार, आलोक कुमार, स्नेहंस शुक्ल, नीतू त्रिपाठी, हरीशंकर विश्वकर्मा, पीयूष सिंह, आशीष यादव, प्रीति दीक्षित, सुशील कुमार, अजय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, गुलाब सिंह, देवेंद्र बाजपेई, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, राम खिलावन भारती।
इन कानूनगो पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
रश्मि सिंह, राजकिशोर खरे, यशवंत सिंह, धीरज त्रिपाठी, राकेश कुमार, अजय प्रकाश यादव, आस्था पांडेय, सत्य प्रकाश वर्मा।
शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ योजना में अपात्रों को लाभ दिए जाने के मामले की जांच कई लोग दोषी पाए गए थे। कुछ पर पहले कार्रवाई की जा चुकी थी। कुछ पर अब हुई है। भविष्य में किसी भी योजना में अनियमितता पाई गई तो इसी तरह की कार्रवाई होगी। - आलोक तिवारी, जिलाधिकारी