कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के ढकुवापुर में वर्ष 2013 में हुई ऑनर किलिंग की घटना में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट में चल रही थी।
14 अक्तूबर 2013 को ढकुवापुर गांव में प्रभा देवी और उसकी सास ममता देवी की कुल्हाड़ी से काटकर घर के अंदर हत्या कर दी गई थी। वहीं प्रभा के पति कुलदीप को मरणासन्न कर दिया गया था। घटना में कुलदीप के पिता सुरेंद्र पाल ने गांव के ही फूल सिंह, उसके बेटे लाल सिंह और साले मोहद्दीपुर बकेवर जिला फतेहपुर निवासी रामप्रसाद उर्फ छोटे पर हत्या, जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ बाकर शमीम रिजवी की कोर्ट में चल रही थी। बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अभियुक्तों के गरीब होने व आक्रोश में आकर घटना करने की दलील दी। इसका विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने कहा कि ये दुर्लभ श्रेणी का अपराध है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए मजबूती से पक्ष रखा।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। गुरुवार को कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
बेटी का मुंडन कराने गांव लौटी थी प्रभा
घाटमपुर के ढकुवापुर गांव निवासी कुलदीप व प्रभा देवी बीच प्रेम संबंध थे। प्रभा के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो वह विरोध करने लगे। इस पर दोनों दिसंबर 2011 में घर छोड़कर चले गए थे। वहीं प्रभा के पिता ने कुलदीप पर अपहरण व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रभा व कुलदीप ने दिल्ली में जाकर प्रेम विवाह कर लिया और करीब दो साल गांव नहीं आए।
दिल्ली में रहकर प्राइवेट जॉब करने लगे। इस बीच उन्हें एक बेटी हुई। उसका मुंडन कराने आठ अक्तूबर 2013 को दोनों गांव लौटे। बेटी के प्रेम विवाह करने से नाराज फूल सिंह ने उसके गांव आने पर हत्या की योजना बना डाली। उसने बेटे व साले के साथ मिलकर कुलदीप के घर में घुसकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करके प्रभा व उसकी सास की हत्या कर दी थी। वहीं गंभीर रुप से घायल कुलदीप का हैलट में उपचार चला था।